तृणमूल के घोषित रुख के खिलाफ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) के आमंत्रण पर सोमवार को आयोजित नाश्ते में वरिष्ठ तृणमूल सांसद सौगत राय शामिल हुए। इसके बाद से ही पार्टी के अंदर अटकलें तेज हो गयी हैं। सोमवार को राष्ट्रपति के नाश्ते के आमंत्रण में सौगत राय के अलावा और कोई तृणमूल सांसद शामिल नहीं हुआ। लेकिन दमदम से सांसद सौगत राय की उपस्थिति को लेकर ही कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
मार्च के शुरुआत में उत्तर बंगाल के दौरे पर आयीं राष्ट्रपति मुर्मू आदिवासी सम्मेलन में शामिल हुई थी। उस समय राज्य सरकार के अतिथि सत्कार से लेकर तैयारियों तक को लेकर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया था। इतना ही नहीं न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही उनके द्वारा मनोनीत राज्य का कोई और मंत्री राष्ट्रपति के स्वागत के लिए गया था।
इस बात को लेकर भी राष्ट्रपति ने सवाल उठाया था। इस घटना के बाद से ही राष्ट्रपति के साथ तृणमूल कांग्रेस के रिश्तों में खटास भी बढ़ गयी थी। 16 मार्च को जब राष्ट्रपति भवन से नाश्ते का आमंत्रण आया तो तृणमूल कांग्रेस ने उसे अस्वीकार करने का फैसला लिया।
तृणमूल के राज्यसभा में मुख्य सचेतक नदिमूल हक ने राष्ट्रपति मुर्मू को एक पत्र लिखकर कहा था कि पवित्र रमजान के महीने में रोजा रखने की वजह से वह राष्ट्रपति के आमंत्रण में शामिल नहीं हो सकेंगे। अगर इस कार्यक्रम को ईद के बाद आयोजित किया जाता तो अच्छा होता। वहीं इसके विपरीत सोमवार की सुबह सांसद सौगत राय राष्ट्रपति भवन पहुंच गए। राष्ट्रपति से मिलने के बाद वह सोमवार को संसद भी गए थे।
क्यों पार्टी के फैसले के खिलाफ गए दमदम के सांसद?
इस बारे में सौगत राय का कहना है कि आमंत्रित किया गया था, इसलिए गया था। मुझे पार्टी ने जाने के लिए भी नहीं कहा और न ही जाने से मना किया। वहीं इस बारे में लोकसभा में तृणमूल की डेप्यूटी लीडर शताब्दी राय ने कहा कि सौगतदा काफी कुछ ऐसा करते हैं, जो पार्टी के रुख से अलग होता है। इस मामले को 'दीदी' अच्छी तरह से समझ लेंगी। उनकी उम्र हो चुकी है। खाना-पीना पसंद करते हैं शायद इसलिए गए होंगे।
इस मामले में तृणमूल ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि राष्ट्रपति भवन में नाश्ते में किसी को जाने को लेकर कोई आदेश नहीं था। सांसद के लिए अलग से कोई संदेश नहीं दिया गया था। इसलिए वहां जाने का फैसला पूर्ण रूप से उनका व्यक्तिगत था। इसमें विवाद जैसी कोई बात नहीं है। वहीं भाजपा सांसद मनोज टिग्गा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से पार्टी के घोषित रुख से सौगत राय अलग काम कर रहे हैं।
वहीं सोमवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर तृणमूल ने मिलने का समय भी मांगा है। इससे पहले भी तृणमूल ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था। पार्टी के मुताबिक अभी तक इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया है।