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चुनाव की तारीखें घोषित होते ही सख्त नियम लागू! जानिए राजनीतिक पार्टियां क्या कर सकती हैं और क्या नहीं!

राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ आम नागरिक भी अपनी शिकायतें 'सी-विजिल' ऐप के माध्यम से दर्ज करवा सकेंगे।

By Moumita Bhattacharya

Mar 17, 2026 10:45 IST

रविवार को चुनाव आयोग ने जैसे ही विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की, पश्चिम बंगाल समेत सभी 4 राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य स्तर पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के साथ राज्य व केंद्रीय कर्मचारियों को कैसा व्यवहार करना है, इस बारे में भी चुनाव आयोग ने लंबी सूची जारी कर दी है। लेकिन इस सूची में एक प्वाएंट ऐसा भी है, जिसे जानकार बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

चुनाव आयोग की निर्देशिका में कहा गया है कि राजनीतिक पार्टियां किसी भी सरकारी भवन अथवा गाड़ी का दुरुपयोग नहीं कर सकेंगी। न ही सरकारी रुपयों से कोई विज्ञापन दिया जा सकेगा। कोई मंत्री अपने सरकारी कार्यों के साथ चुनावी कार्यों को न मिलाए, इसे भी स्पष्ट किया गया है।

आयोग का निर्देश है कि चुनाव प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी या सुरक्षाकर्मियों का इस्तेमाल भी कोई मंत्री नहीं कर सकेगा। चुनाव से पहले इस प्रकार की विज्ञप्ति अक्सर जारी की जाती रही है। हर साल इन आदेशों के उल्लंघन की शिकायतें भी आती रही हैं। लेकिन इस साल एक बार फिर से मंत्रियों और राजनीतिक पार्टियों को क्या करना है और क्या नहीं, इस बारे में चुनाव आयोग ने याद दिलाया है।

इस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ आम नागरिक भी अपनी शिकायतें 'सी-विजिल' ऐप के माध्यम से दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा, चुनाव आयोग के कॉल सेंटर पर 1950 नंबर पर भी किसी भी समय कॉल कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इन पांचों राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में इन आदेशों का पालन हो रहा है अथवा नहीं, इसकी निगरानी के लिए 5173 फ्लाइंग स्क्वॉड और 5200 स्टैटिक सर्विलांस टीमों को आयोग ने नियुक्त किया है। बताया गया है कि जिन राज्यों में चुनाव हो रहा है, वहां से आने वाली शिकायतों को फ्लाइंग स्क्वॉड को अधिकतम 100 मिनट के अंदर देखना होगा।

राजनीतिक पार्टियों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी भी रैली या सभा से पहले पुलिस को जानकारी देनी होगी, ताकि सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। अगर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जाना होगा, तो इसके बारे में भी पहले से बताना होगा। किसी मैदान या हेलीपैड का इस्तेमाल करने से पहले राजनीतिक पार्टियों को 'ईसीआईनेट' ऐप पर 'सुविधा' पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। प्रत्येक आवेदन को 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व' के आधार पर ही स्वीकार किया जाएगा।

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