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PAK की एयर स्ट्राइक से तबाह हुए अस्पताल में 400 मौतें, राशिद खान ने UN से कर दी ये बड़ी मांग

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात हैं। सोमवार देर रात जब काबुल का एक अस्पताल जब पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से तबाह हो गया और 400 जिंदगियां खत्म हो गईं तो अफगान टीम के कप्तान राशिद खान का दर्द छलक गया। उन्होंने इस हमले की निंदा की है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहा सीमा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सीमा पर हालात तनावपूर्ण हैं। 17 मार्च को अफगानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने सोमवार देर रात काबुल के एक अस्पताल पर एयर स्ट्राइक की है, जिसमें 400 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अस्पताल पर हुए इस हमले को अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर और कप्तान राशिद खान ने 'युद्ध अपराध' (War Crime) करार दिया है।

राशिद खान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपना दर्द शेयर किया। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में इस तरह का नरसंहार न केवल मानवता के खिलाफ है, बल्कि नफरत की आग को और भड़काने वाला है। राशिद के साथ-साथ अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने भी इस हमले की निंदा की है। बताया जा रहा है कि जिस अस्पताल में नशे की लत से जूझ रहे युवाओं का इलाज किया जा रहा था, वह पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से तबाह हो गया है। राशिद ने इस हमले की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस 'अत्याचार' की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राशिद खान ने क्या कहा ?

राशिद खान ने X पर लिखा कि 'मैं काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के कारण नागरिकों के हताहत होने की ताजा रिपोर्ट से बेहद दुखी हूं। नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, एक युद्ध अपराध है। मानव जीवन के प्रति इतनी बड़ी अनदेखी, खासकर रमजान के पवित्र महीने में, बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक है।'

राशिद खान ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा है कि 'यह सिर्फ विभाजन और नफरत को बढ़ाएगा। मैं संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवाधिकार एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस घटना की गहराई से जांच करें और दोषियों को जवाबदेह ठहराएं। मैं इस कठिन समय में अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूं। हम ठीक होंगे और एक राष्ट्र के रूप में फिर उठ खड़े होंगे। हम हमेशा ऐसा करते हैं।'

मोहम्मद नबी का भी फूटा गुस्सा ?

राशिद खान के अलावा अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। नबी ने X पोस्ट में लिखा कि 'आज रात काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद खत्म हो गई। इलाज के लिए आए युवा लड़कों को पाकिस्तानी सैन्य शासन की बमबारी में मार दिया गया। मांएं अस्पताल के गेट पर खड़ी अपने बेटों के नाम पुकारती रहीं। रमजान की 28वीं रात को उनकी जिंदगियां खत्म कर दी गईं।'

सोमवार देर रात हुए हमले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार देर रात पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया। इसी दौरान इस अस्पताल पर भी हमला हुआ, जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई, वहीं 250 से ज्यादा घायल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं। उधर इस एयरस्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान ने सभी आरोपों से इनकार किया है। पाकिस्तान का कहना है कि हमला नागरिक ठिकानों पर नहीं बल्कि उग्रवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था।

आखिर क्यों है दोनों देशों के बीच तनाव ?

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह टकराव इसी साल फरवरी में शुरू हुआ था। शुरुआत सीमा पार हमलों से हुई थी, फिर दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई की गई। पाकिस्तान ने इस स्थिति को 'खुला युद्ध' बताया, जबकि अफगान अधिकारियों ने कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। दोनों देशों की लड़ाई की 2 मुख्य वजह हैं। पहली यह कि पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं। पाकिस्तान के अनुसार फरवरी 2026 में इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद और अन्य सैन्य ठिकानों पर हुए भीषण आतंकी हमलों की साजिश अफगान धरती पर रची गई थी। पाकिस्तानी आरोप लगाते रहे हैं कि तालिबान सरकार इन आतंकियों को पनाह दे रही है, जबकि तालिबान इससे इनकार करता है।

दूसरी वजह यह है कि दोनों देशों के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा, जिसे डूरंड लाइन कहा जाता है, विवाद की पुरानी जड़ है। अफगानिस्तान इस अंतरराष्ट्रीय सीमा को कभी स्वीकार नहीं करता, क्योंकि यह पश्तून आबादी को दो हिस्सों में बांटती है। फरवरी 2026 के अंत में तालिबान ने इसी सीमा पर पाकिस्तानी सैन्य चौकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिसे उन्होंने पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक का जवाब बताया। 22 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर एयरस्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में 26 फरवरी को तालिबान ने जवाबी हमले किए। तभी से हालात खराब हैं।

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