कोलकाता : स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना ही एकमात्र लक्ष्य है। राज्य में दो चरणों के चुनाव में ‘केंद्रीय बल’ को लेकर किसी भी तरह की कंजूसी नहीं करना चाह रहा है चुनाव आयोग। राज्य के CEO दफ्तर के सूत्रों के अनुसार केंद्रीय बल की तैनाती को लेकर इस वर्ष अभूतपूर्व फैसला ले सकता है आयोग। प्रत्येक चरण के लिए 2000 से 2500 कंपनियां केंद्रीय बल की जरूरत होगी यह बात आज पत्रकार सम्मेलन में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोजकुमार अग्रवाल ने बताई।
CEO कार्यालय के सूत्रों के अनुसार मंगलवार को राज्य में पुलिस ऑब्जर्वर आएंगे। प्रत्येक पुलिस कमिश्नरेट या पुलिस जिले में चुनाव के लिए दो ऑब्जर्वर रहेंगे। साथ ही कोलकाता में ऑब्जर्वर की संख्या बढ़ाई जाएगी।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के लिए आयोग की कुछ निर्देशिकाएं?
चुनाव आयोग की वोटर स्लिप BLO द्वारा वितरित की जाएगी। मतदान से पांच दिन पहले यह स्लिप मिल जाएगी।
मतदान के दिन केंद्रीय बल और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों पर निगरानी रहेगी। अगर केंद्रीय बल किसी अनैतिक काम को देखता है तो तुरंत उच्च अधिकारियों को खबर देगा।
सभी बूथों पर माइक्रो ऑब्जर्वर निगरानी में रहेंगे। सभी बूथों पर वेब कास्टिंग होगी। वेब कास्टिंग बंद होने पर मतदान रोक दिया जाएगा। एक घंटे से अधिक समय तक वेब कास्टिंग बंद रहने पर उस बूथ पर दोबारा मतदान होगा। कुछ स्थानों पर ड्रोन से भी निगरानी होगी।
‘Under Adjudicated’ 60 लाख मतदाताओं का क्या होगा?
राज्य के CEO मनोजकुमार अग्रवाल ने बताया कि विचाराधीन 60 लाख में से लगभग 20 लाख मतदाताओं के नाम का निपटारा सोमवार तक हो जाएगा। बाकी काम भी पहले चरण के मतदाता नामांकन से पहले खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हर दिन लगभग डेढ़ से 2 लाख मामलों का निपटारा किया जा रहा है।