कोलकाता: विधानसभा चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। उससे पहले, नॉर्थ कोलकाता का गिरीश पार्क इलाका BJP-तृणमूल कार्यकर्ताओं (BJP VS TMC) के बीच झड़प में जंग के मैदान जैसा बन गया। झड़प के दौरान दोनों पक्षों ने सड़क से ईंट-पत्थर उठाकर एक-दूसरे पर बेतहाशा फेंके। कारों और बाइकों में भी तोड़फोड़ की गई। यह नजारा देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए। शनिवार को जब ब्रिगेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मीटिंग चल रही थी, तब राज्य मंत्री शशि पांजा के घर के सामने ऐसा हंगामा हुआ। उस हंगामे की आंच मंत्री के घर के अंदर तक पहुंच गई। वहां भी दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। तृणमूल और BJP के बीच झड़प के कारण गिरीश पार्क इलाका दोपहर से ही लगभग ठप हो गया था। ट्रैफिक रुक गया था। स्थानीय लोग अपनी कारें छोड़कर जान बचाने के लिए भागने लगे। दिन का नज़ारा देखकर कई लोग कहते रहे, ‘अगर ऐसा ट्रेलर अभी देखा गया, तो चुनाव के दिन क्या होगा?’
कानून-व्यवस्था को कंट्रोल करने की कोशिश में पुलिस को भी लाठियां खानी पड़ीं। तृणमूल का दावा है कि मीटिंग में जाते समय BJP के कार्यकर्ता बस से उतरे और मंत्री के घर के सामने बैनर फाड़ दिए और ईंट-पत्थर फेंके। जब उन्होंने विरोध किया, तो उन्हें बुरी तरह पीटा गया। महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। उस आरोप को खारिज करते हुए BJP ने दावा किया है कि तृणमूल के कार्यकर्ता ही बस पर ईंट फेंक रहे थे। BJP कार्यकर्ता विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए। शशि पांजा ने इस अफरा-तफरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दिन का हमला प्लान किया गया था। BJP ने हत्या की साजिश रची थी। अफरा-तफरी का असली कारण क्या था? कितने लोग घायल हुए? सेंट्रल फोर्स कहां थी? चुनाव आयोग ने इस बारे में कोलकाता पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
चश्मदीदों का कहना है कि BJP समर्थक सेंट्रल एवेन्यू से बस से मीटिंग में शामिल होने जा रहे थे। अचानक मंत्री के घर के सामने हंगामा शुरू हो गया। BJP कार्यकर्ताओं ने 'बॉयकॉट BJP' का बैनर फाड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने बेतहाशा ईंटें फेंकना शुरू कर दिया। कुछ लोगों का कहना है कि BJP की बस को देखकर ईंटें फेंकी गईं। यह खबर फैल गई। इसके तुरंत बाद, BJP कार्यकर्ता भी बस से उतर आए और हंगामा करने लगे। हंगामे के बाद, महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा घायलों को लेकर तृणमूल भवन पहुंचीं। शशि पांजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिकायत की, 'BJP गुंडों को बढ़ावा दे रही है, हत्यारों को बढ़ावा दे रही है। वे मारना चाहते हैं। तृणमूल के साथी फ्लेक्स लगा रहे थे। मेरे घर के सामने।
BJP के गुंडे बस से उतरे और फ्लेक्स फाड़ दिया। उन्होंने मेरे साथियों को पीटा। हमने विरोध किया। हमारे पेट में सीधे ईंटों से वार किया गया। मारने का प्लान था।' उन्होंने आगे कहा, 'BJP बसों में बोतलें, ईंटें, बड़े पत्थर, बम, लाठियां ब्रिगेड में मीटिंग के लिए लाई थी। हंगामे के दौरान, मुझे घर का दरवाजा बंद करने के लिए मजबूर किया गया। मेरे साथियों को छाती, हाथ, कमर में मारा गया। उन्होंने महिला पुलिस कर्मियों पर भी हमला किया। नॉर्थ कोलकाता के BJP नेता आस-पास नहीं थे। वे जाकर हॉस्पिटल में पड़े हैं। हम गुंडे नहीं हैं। हम शांत रहे हैं। यह दिखाने के लिए काफी सबूत हैं कि यह अराजकता किसने की।' प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु भी मौजूद थे। उनके शब्दों में, 'प्रधानमंत्री ने कहा है कि ब्रिगेड एक्शन लेगी, उन्होंने जो धमकी दी, वह शशि पांजा के घर में तोड़फोड़ करके इसका साफ सबूत है। प्रधानमंत्री के आने से गुस्साए BJP कार्यकर्ताओं ने मंत्री के घर पर पत्थर फेंके, बर्बर हमला किया और घर को टूटे हुए कांच से भर दिया। मुझे आजादी के बाद से किसी भी राज्य में मंत्री के घर पर इस तरह से हमला होने का कोई उदाहरण नहीं मिला।' उन्होंने दावा किया, 'एक मंत्री के घर में दो-तीन पुलिसवाले रहते हैं। भीड़ के हमले में पुलिस वाले लहूलुहान हो जाते हैं और लूटपाट करते हैं।' इसके साथ ही उस घटना में तृणमूल बिल्डिंग पर हमले और तोड़फोड़ का एक वीडियो भी दिखाया गया।
हालांकि, बंगाल BJP ने इस आरोप को सीधे तौर पर गलत बताया है। केंद्रीय राज्य मंत्री और MP सुकांत मजूमदार ने एक जवाबी वीडियो दिखाकर तृणमूल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'हमला BJP की बस को टारगेट करके किया गया था। हर पार्षद इसमें शामिल है। शशि पांजा उनके नेतृत्व में थे। पुलिस ने कार रोक दी है। लोगों को मीटिंग में जाने से रोकने की कोशिश की गई है। बंगाल के लोग इतने बेवकूफ नहीं हैं।' BJP नेता सजल घोष ने मंत्री पर हमले का वीडियो जारी करने को चुनौती दी है। BJP का जवाबी दावा है कि समर्थक बस में उस इलाके से गुजर रहे थे। तृणमूल कार्यकर्ता उस जगह पर खड़े थे जहां बैनर लगाया गया था और बस पर ईंटें फेंक रहे थे। एक के बाद एक बसों पर ईंटें फेंकी जा रही थीं। पुलिस चुपचाप खड़ी देखती रही। जब वे विरोध करने गए तो अफरा-तफरी मच गई। BJP नेताओं का दावा है कि नॉर्थ कोलकाता के जिला अध्यक्ष तमोघन घोष समेत कई कार्यकर्ता भी घायल हुए हैं। कोलकाता पुलिस की DC (सेंट्रल) इंदिरा मुखर्जी घटना की जांच कर रही हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शनिवार को उत्तर कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। राज्य की मंत्री शशि पांजा के घर के सामने हुई इस घटना में दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट–पत्थरबाजी हुई, कई गाड़ियों और बाइकों में तोड़फोड़ की गई और इलाके में अफरा–तफरी का माहौल बन गया।
घटना उस समय हुई जब कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली चल रही थी। उसी दौरान सेंट्रल एवेन्यू से होकर भाजपा समर्थकों से भरी बसें ब्रिगेड की ओर जा रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही ये बसें मंत्री शशि पांजा के घर के सामने पहुंचीं, अचानक विवाद शुरू हो गया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक झड़प में बदल गई।
सड़क पर मची अफरा–तफरी, यातायात ठप
झड़प के दौरान दोनों पक्षों ने सड़क से ईंट–पत्थर उठाकर एक-दूसरे पर फेंकने शुरू कर दिए। कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए कि कई लोगों को अपनी गाड़ियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
इस घटना के बाद गिरीश पार्क और आसपास के इलाके में यातायात लगभग ठप हो गया। हालात को काबू में करने पहुंची पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा और कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगने की खबर है।
TMC का आरोप-BJP ने कराया हमला
घटना के बाद राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा घायलों को लेकर तृणमूल भवन पहुंचीं। वहां पत्रकारों से बातचीत में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता बस से उतरकर उनके घर के सामने लगे ‘बॉयकॉट BJP’ बैनर को फाड़ने लगे और फिर तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।
शशि पांजा के मुताबिक, “हमारे सहयोगी मेरे घर के सामने फ्लेक्स लगा रहे थे। तभी भाजपा के लोग बस से उतरकर फ्लेक्स फाड़ने लगे और हमला कर दिया। हमारे साथियों को पेट में ईंट मारी गई। यह पूरी तरह योजनाबद्ध हमला था और हमें मारने की साजिश रची गई थी।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता बसों में बोतल, ईंट, बड़े पत्थर, लाठियां और बम लेकर आए थे। घटना के दौरान उन्हें अपने घर के दरवाजे बंद करने पड़े। मंत्री के अनुसार, उनके कई सहयोगियों के सीने, हाथ और कमर में चोटें आईं और महिला पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया।
ब्रात्य बसु ने भी भाजपा को घेरा
इस मामले में राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की रैली के दौरान भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित होकर मंत्री के घर के सामने पथराव करने लगे और भारी तोड़फोड़ की।बसु ने कहा कि आजादी के बाद शायद ही किसी राज्य में किसी मंत्री के घर पर इस तरह का हमला देखने को मिला हो। उनके अनुसार, भीड़ के हमले में पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
BJP का पलटवार
भाजपा ने तृणमूल के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि हमला भाजपा कार्यकर्ताओं पर किया गया था। उन्होंने कहा कि ब्रिगेड रैली में जा रही भाजपा समर्थकों की बसों को निशाना बनाकर तृणमूल कार्यकर्ताओं ने ईंट–पत्थर फेंके। उनके अनुसार, इस घटना में कई TMC पार्षद भी शामिल थे और इसका नेतृत्व खुद शशि पांजा कर रही थीं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि बसों पर लगातार ईंटें फेंकी जा रही थीं और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। विरोध करने पर भाजपा कार्यकर्ता बस से उतरकर सड़क पर आए और उसी दौरान झड़प शुरू हो गई। भाजपा के मुताबिक, इस घटना में उत्तर कोलकाता के जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष सहित कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पूछा है कि झड़प की वजह क्या थी, कितने लोग घायल हुए और उस समय केंद्रीय सुरक्षा बल कहां तैनात थे।
फिलहाल मामले की जांच कोलकाता पुलिस की डीसी (सेंट्रल) इंदिरा मुखोपाध्याय की निगरानी में चल रही है। इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी और भी तेज हो गई है और चुनाव से पहले बंगाल की सियासत में तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है।