कोलकाता : पश्चिम बंगाल में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाने के फैसले को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि यह निर्णय व्यापक समीक्षा और सभी राजनीतिक दलों से परामर्श के बाद लिया गया है।
कोलकाता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अग्रवाल ने बताया कि कई वर्षों के बाद राज्य में विधानसभा चुनाव केवल दो चरणों में कराए जाएंगे। इससे पहले चुनाव आमतौर पर सात से आठ चरणों में होते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इस संबंध में सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की थी। अधिकांश दलों की राय थी कि पश्चिम बंगाल में चुनाव एक या दो चरणों में कराए जाएं। इन सुझावों और विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद चुनाव आयोग ने दो चरणों में मतदान कराने का फैसला लिया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मतदान केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) को दी जाएगी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
दो चरणों में मतदान, 4 मई को नतीजे
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा। दोनों चरणों के मतों की गिनती 4 मई को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच माना जा रहा है।
बीजेपी ने जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली सूची
आगामी चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी है। सूची के अनुसार राज्य के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। नंदीग्राम वही सीट है जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।
इसके अलावा भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल को आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार बनाया गया है। अभिनेता से राजनेता बने रुद्रनील घोष शिवपुर सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे, जबकि भाजपा विधायक बंकिम चंद्र घोष चकदह सीट से चुनाव लड़ेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और पार्टी जल्द ही बाकी उम्मीदवारों के नाम भी घोषित कर सकती है।