नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर संभावित दबाव को देखते हुए देश की कई सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियां घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चला रही हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 16 मार्च 2026 को जारी एक बयान में बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर आकर्षित करना और एलपीजी पर निर्भरता कम करना है।
मंत्रालय के अनुसार, कई प्रमुख सीजीडी कंपनियों ने घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक ऑफर शुरू किए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और गेल गैस लिमिटेड घरेलू उपभोक्ताओं को 500 रुपये तक की मुफ्त गैस दे रही हैं, बशर्ते उपभोक्ता 31 मार्च 2026 से पहले रजिस्ट्रेशन कराएं या कनेक्शन सक्रिय करें।
वहीं, महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए 500 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए पहले 1 लाख से 5 लाख रुपये तक लिए जाने वाले सिक्योरिटी डिपॉजिट को भी समाप्त कर दिया है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने भी सभी व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शनों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट हटाने की घोषणा की है।
ये योजनाएं मुख्य रूप से उन बड़े शहरों और शहरी क्षेत्रों में लागू की जा रही हैं, जहां पाइपलाइन नेटवर्क पहले से मौजूद है। होटल, रेस्तरां, अस्पताल और हॉस्टल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान अधिकृत सीजीडी कंपनियों से आसानी से पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
ऐसे मिल सकता है पीएनजी कनेक्शन
घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता ईमेल, कंपनी के कस्टमर पोर्टल, पत्र या कॉल सेंटर के माध्यम से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। जहां पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध है, वहां कनेक्शन अपेक्षाकृत तेजी से प्रदान किया जा रहा है।
सरकार पीएनजी को एक स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन मानते हुए इसके उपयोग को बढ़ावा दे रही है। पीएनजी के इस्तेमाल से एलपीजी सिलेंडर की आवश्यकता कम होती है, जिससे घरेलू गैस की मांग पर दबाव भी घटता है। वर्तमान में पीएनजी को प्राथमिकता क्षेत्र में 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।
तेजी से बढ़ रहा पीएनजी नेटवर्क
देश में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के अनुसार जनवरी 2026 तक देश में 5 लाख से अधिक इंच-किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी हैं और लाखों घरेलू कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
सितंबर 2025 तक देश में घरेलू पीएनजी कनेक्शनों की संख्या लगभग 1.55 करोड़ से अधिक थी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2034 तक इसे बढ़ाकर करीब 12.6 करोड़ कनेक्शन तक पहुंचाने का है। इस दिशा में जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच ‘नेशनल पीएनजी ड्राइव 2.0’ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नए कनेक्शनों की संख्या में तेजी लाना है।
पीएनजीआरबी ने सीजीडी कंपनियों को संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने, मौजूदा कनेक्शनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने और गैस आपूर्ति शुरू होने में लगने वाले समय को कम करने की सलाह भी दी है।
ईंधन आपूर्ति पर सरकार ने भरोसा जताया
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल व डीजल की उपलब्धता को लेकर कोई कमी नहीं है। किसी भी रिटेल आउटलेट पर ईंधन खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है और देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
हालांकि एलपीजी आपूर्ति को लेकर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। इसे ध्यान में रखते हुए घरेलू एलपीजी उत्पादन में 36 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। साथ ही एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग भी 84 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें, क्योंकि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पीएनजी के उपयोग को बढ़ाने से न केवल एलपीजी की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।