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गिरफ्तारी की आशंका पर सियासत तेज, तृणमूल ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

ममता बनर्जी के आरोपों के बीच TMC नेता कल्याण बनर्जी ने कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दायर की, 150 घंटों के भीतर बड़े कदम की आशंका जताई।

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच सियासी तनाव अब अदालत तक पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आशंका जताई है कि वोट से ठीक पहले पार्टी के नेताओं, उम्मीदवारों और स्थानीय प्रतिनिधियों को केंद्रीय एजेंसियों के जरिए गिरफ्तार किया जा सकता है। इसको लेकर TMC सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने कोलकाता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। इस मामले की सुनवाई जल्द होने की संभावना है।

यह पूरा विवाद उस समय और गहरा गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लगातार अपनी सभाओं में आरोप लगाया कि “मिडनाइट ऑपरेशन” के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं और एजेंटों को गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने पार्टी को वैकल्पिक एजेंट तैयार रखने की भी सलाह दी है।

TMC के राज्यसभा नेता डेरेक ओ’ब्रायन और मंत्री शशि पांजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनके पास “विश्वसनीय जानकारी” है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में CBI, ED और NIA जैसी एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की है। पार्टी का आरोप है कि अगले 150 घंटों के भीतर कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है, खासकर पहले चरण के मतदान के बाद।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि चुनाव आयोग ने करीब 800 लोगों की एक सूची तैयार की है, जिन्हें “अशांति फैलाने की आशंका” के आधार पर कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। आरोप है कि इस सूची में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेता, उम्मीदवार और यहां तक कि जेल में बंद कुछ नाम भी शामिल हैं।

हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) खुद माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है और बेवजह डर का माहौल बना रही है। बंगाल में चुनावी जंग के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब यह सियासी लड़ाई कानूनी मोर्चे पर भी पहुंच चुकी है, जहां आने वाले दिनों में अदालत का रुख अहम साबित हो सकता है।

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