🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

‘पावर प्रोफाइल’ में बदलती बंगाल की राजनीति: दागी चेहरे, करोड़पति उम्मीदवार हावी

एडीआर रिपोर्ट में खुलासा-63 सीटें ‘रेड अलर्ट’, उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड ने बढ़ाई चिंता।

By श्वेता सिंह

Apr 21, 2026 10:37 IST

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि पर जारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Association for Democratic Reforms-ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट ने कई अहम तथ्य सामने रखे हैं। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले 142 सीटों पर उतरे 1,445 उम्मीदवारों के शपथ-पत्रों का विश्लेषण किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, 338 उम्मीदवार (23%) ऐसे हैं जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है, जबकि 295 (20%) गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं। इनमें 16 उम्मीदवार हत्या (मर्डर) और 80 हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) जैसे आरोपों में घिरे हैं। साथ ही 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामले भी दर्ज हैं।

राजनीतिक दलों के आंकड़े भी चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के 72% उम्मीदवारों ने आपराधिक मामलों की घोषणा की है। वहीं सीपीआई-एम (Communist Party of India-Marxist) के 51%, तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) के 35% और कांग्रेस (Indian National Congress) के 26% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

चुनावी परिदृश्य में 63 सीटें (44%) ‘रेड अलर्ट’ श्रेणी में रखी गई हैं, जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। यह स्थिति चुनावी शुचिता पर सवाल खड़े करती है।

आर्थिक रूप से भी उम्मीदवारों की स्थिति उल्लेखनीय है। कुल 321 उम्मीदवार (22%) करोड़पति हैं, यानी उनकी संपत्ति एक करोड़ रुपये से अधिक है। तृणमूल कांग्रेस के 73% उम्मीदवार करोड़पति हैं और उनकी औसत संपत्ति 5.05 करोड़ रुपये है, जो अन्य दलों से अधिक है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.28 करोड़ रुपये, सीपीआई-एम की 1.22 करोड़ और कांग्रेस की 1.04 करोड़ रुपये है।

दूसरे चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.21 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, पूरे चुनाव में यह औसत करीब 1.28 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है। शिक्षा के स्तर पर देखें तो लगभग 53% उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं।

गौरतलब है कि पहले चरण में भी करीब 23% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले और 21% करोड़पति थे, जिससे यह रुझान लगातार बना हुआ दिखता है। एडीआर की यह रिपोर्ट मतदाताओं को उम्मीदवारों की वास्तविक पृष्ठभूमि समझने में मदद करती है, ताकि वे सोच-समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

Articles you may like: