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2014 से पहले और बाद में बंटेगा भारत का इतिहास, विकास यात्रा दो चरणों में बंटेगी: अमित शाह

पीएम-फैमिली केयर ट्रैकर लॉन्च, लाभार्थियों की होगी निगरानी। अमित शाह ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां। कहा-'हर रुपया गरीबों तक पहुंच रहा।'

By डॉ. अभिज्ञात

Jun 28, 2026 21:03 IST

गांधीनगर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत के विकास की दिशा और कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में इतिहासकार देश के विकास को दो चरणों—2014 से पहले और 2014 के बाद—के रूप में देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया प्रत्येक रुपया अब बिना किसी बिचौलिए के सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंच रहा है।

पीएम-फैमिली केयर ट्रैकर की पायलट परियोजना का शुभारंभ

शाह ने रविवार को गांधीनगर में पीएम-फैमिली केयर ट्रैकर (पीएम-एफसीटी) की पायलट परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों को मिलने वाली सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगा। इसके माध्यम से लाभार्थियों की लगातार निगरानी और समय पर आवश्यक हस्तक्षेप किया जाएगा।

रामराज्य की अवधारणा का किया उल्लेख

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित "रामराज्य" की अवधारणा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा करना या बजट आवंटित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे।

2014 को बताया ऐतिहासिक मोड़

गुजरात की राजधानी गांधीनगर से लोकसभा सदस्य अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014, जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद संभाला, स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ। उनके अनुसार, इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीतियों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने को सरकार की प्राथमिकता बनाया गया।

डीबीटी और जैम व्यवस्था का किया उल्लेख

शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही गरीबों तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और जैम (जनधन-आधार-मोबाइल) व्यवस्था लागू होने के बाद इस प्रणाली में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजा गया एक रुपया पूरी तरह सीधे गरीबों के बैंक खाते में पहुंचता है।

70 करोड़ गरीबों को बताया योजनाओं का केंद्र

शाह ने कहा कि वर्ष 2014 से मोदी सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में 70 करोड़ गरीब लोग रहे हैं। सरकार ने इन्हीं लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं को लागू किया है।

पूर्वांचल में गरीबी का अनुभव साझा किया

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले उन्होंने पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में ऐसी स्थिति देखी थी, जहां कई परिवारों के पास पक्का घर, बिजली, शौचालय और नल से पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। महिलाएं पारंपरिक चूल्हों पर खाना बनाती थीं और अनेक परिवारों के लिए दिन में एक समय का भोजन जुटाना भी कठिन था।

सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख

शाह ने कहा कि आजादी के बाद लगभग 70 वर्षों तक 70 करोड़ गरीबों को विकास का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों को पक्के मकान, बिजली, शौचालय, नल से पेयजल, एलपीजी कनेक्शन, मुफ्त खाद्यान्न, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और सस्ती दवाइयों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया है।

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