इस्लामाबादः पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के तेजी से गायब होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शहर की कई महत्वपूर्ण इमारतें अब नक्शे से मिट चुकी हैं और उनकी जगह व्यावसायिक प्लाजा खड़े हो गए हैं, जिससे प्रशासनिक लापरवाही और भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वरिष्ठ पत्रकार और आर्ट गैलरी के चेयरमैन मियां एजाज बशीर ने बताया कि नष्ट की गई कई इमारतें उपमहाद्वीप के इतिहास से जुड़ी थीं, जिनका संबंध स्वतंत्रता आंदोलन और बड़े नेताओं के दौरों से रहा है। उन्होंने खास तौर पर 1906 में सनातन धर्म समुदाय द्वारा झंग बाजार में लसूरी शाह दरगाह के पास बनाए गए आर्य समाज मंदिर के गायब होने का जिक्र किया। यह मंदिर कभी हिंदू श्रद्धालुओं का प्रमुख धार्मिक केंद्र था और विभाजन के बाद यह प्रांतीय औकाफ विभाग के अधीन आ गया था।
समय के साथ इस मंदिर को कथित रूप से निजी लोगों द्वारा तोड़कर उसकी जगह व्यावसायिक इमारत बना दी गई। बशीर ने यह भी बताया कि करखाना बाजार के पास ब्रिटिश काल का एक रेस्ट हाउस, जो किसानों और यात्रियों के लिए बनाया गया था, उसे भी ध्वस्त कर दिया गया और वहां अब दुकानों का निर्माण कर दिया गया है। इन दुकानों को तेल डिपो संचालकों को दिए जाने की बात सामने आई है, जिससे इलाके में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
इसके अलावा पास ही स्थित एक ऐतिहासिक नगर निगम भवन को भी गिराकर पार्किंग स्थल में बदल दिया गया है। मोंटगोमरी बाजार में स्थित सनातन धर्म लाइब्रेरी, जिसे आजादी के बाद मुस्लिम लीग हाउस के रूप में उपयोग किया गया था, उसे भी तोड़कर प्लाजा बना दिया गया।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 1921 में कचहरी बाजार में स्थापित सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक की इमारत को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर पुनर्विकसित किया गया। बशीर ने यह भी याद दिलाया कि 1946 में मोहम्मद अली जिन्ना के ठहरने वाला एक ऐतिहासिक आवास भी उपेक्षा के कारण खत्म हो गया और अब वहां फास्ट-फूड आउटलेट तथा एक निजी बैंक का दफ्तर चल रहा है।
प्रशासन पर सवाल उठाते हुए बशीर ने पूछा कि पंजाब स्पेशल प्रिमाइसेज (संरक्षण) अधिनियम, 1982 का पालन क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे निष्क्रांत संपत्तियों के रिकॉर्ड की समीक्षा करें और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।