नई दिल्लीः आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही विभाग ने दोनों फॉर्मों की एक्सेल यूटिलिटी भी ई-फाइलिंग पोर्टल पर जारी कर दी है। इस फैसले से लाखों छोटे और मध्यम करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
आयकर विभाग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 की ऑनलाइन फाइलिंग सुविधा अब सक्रिय हो चुकी है। करदाता पोर्टल पर लॉगिन कर अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
इन फॉर्मों को 30 मार्च 2026 को अधिसूचित किया गया था। अब ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 की आय के लिए रिटर्न फाइलिंग का रास्ता पूरी तरह खुल गया है।
क्या है ITR-1 ‘सहज’ ?
ITR-1 फॉर्म, जिसे ‘सहज’ कहा जाता है, मुख्य रूप से वेतनभोगी कर्मचारियों और सीमित आय वाले करदाताओं के लिए तैयार किया गया है। यह फॉर्म ऐसे भारतीय निवासी व्यक्ति भर सकते हैं जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक हो।
इसमें वेतन या पेंशन से आय, एक या दो मकानों से आय, ब्याज जैसी अन्य स्रोतों से आमदनी तथा 5,000 रुपये तक की कृषि आय शामिल की जा सकती है। इसके अलावा सेक्शन 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की जानकारी भी इसमें दी जा सकती है।
Attention taxpayers!
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) May 15, 2026
The Excel utility and Online filing for ITR-1 and ITR-4 for AY 2026-27 has been enabled and is now available for taxpayers on the e-Filing portal.@nsitharamanoffc @officeofPCM @FinMinIndia @PIB_India
छोटे कारोबारियों के लिए ITR-4 ‘सुगम’
ITR-4 फॉर्म छोटे व्यापारियों, पेशेवरों और प्रेजम्प्टिव टैक्सेशन योजना के तहत आने वाले करदाताओं के लिए बनाया गया है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और फर्मों के लिए लागू है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है।
हालांकि लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप यानी LLP इस श्रेणी में शामिल नहीं हैं। इस फॉर्म के जरिए धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत व्यापार या पेशे से आय घोषित की जा सकती है।
किन करदाताओं को नहीं मिलेगा लाभ ?
आयकर विभाग के अनुसार कंपनी के डायरेक्टर, अनलिस्टेड शेयर रखने वाले या विदेशी संपत्ति और विदेशी आय वाले करदाता इन सरल फॉर्मों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। ऐसे मामलों में अलग श्रेणी के ITR फॉर्म भरने होंगे।
रिटर्न भरने की अंतिम तारीख
ITR-1 भरने वाले व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। वहीं ITR-4 के तहत नॉन-ऑडिट मामलों में रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 रखी गई है।
यदि कोई करदाता तय समयसीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो वह 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न जमा कर सकता है। हालांकि देरी की स्थिति में ब्याज और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले आयकर रिटर्न भरने पर रिफंड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा AIS और Form 26AS के साथ जानकारी का मिलान करने में आसानी होती है, जिससे त्रुटियों की संभावना कम रहती है।
जल्दी फाइलिंग से बैंक लोन, वीजा आवेदन और वित्तीय दस्तावेजों से जुड़े कई काम भी आसान हो जाते हैं।
ऑनलाइन फाइलिंग प्रक्रिया हुई आसान
करदाता आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रिटर्न भर सकते हैं। विभाग ने पोर्टल पर प्री-फिल्ड डेटा की सुविधा भी दी है, जिसमें PAN से जुड़ी कई जानकारियां पहले से दर्ज रहती हैं। इससे टैक्सपेयर्स का समय बचता है और गलतियों की संभावना कम होती है।
जो लोग ऑफलाइन तैयारी करना चाहते हैं, वे एक्सेल यूटिलिटी डाउनलोड कर उसमें जानकारी भरने के बाद फाइल अपलोड कर सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। असेसमेंट ईयर 2025-26 में सितंबर तक छह करोड़ से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए गए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार विभाग द्वारा समय से पहले फॉर्म और ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने से करदाताओं को बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा।
करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह
रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाताओं को Form 26AS और AIS की जानकारी का मिलान अवश्य कर लेना चाहिए। इसके साथ ही Form-16, बैंक स्टेटमेंट और निवेश संबंधी दस्तावेज पहले से तैयार रखना जरूरी है।
आयकर विभाग का हेल्पडेस्क 24 घंटे सहायता के लिए उपलब्ध है। विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द रिटर्न दाखिल करें।