वाशिंगटन : अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बावजूद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को फीफा विश्व कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका आने की अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई है और उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला है।
फीफा के अनुसार ईरान की टीम का कार्यक्रम तय है और वह ग्रुप चरण में 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी। इसके बाद 21 जून को उसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगी जबकि 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ ग्रुप चरण का अंतिम मैच खेलेगी। इस बार विश्व कप का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होगा।
हाल के दिनों में ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि अमेरिका के साथ जारी युद्ध जैसी स्थिति के कारण उनकी टीम की भागीदारी पर संदेह पैदा हो सकता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इन्फैन्टिनो ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात कर टूर्नामेंट की तैयारियों और मौजूदा हालात पर चर्चा की। उनके अनुसार ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरानी टीम का अमेरिका में होने वाले विश्व कप में स्वागत है और उसे प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
इन्फैन्टिनो ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में फीफा विश्व कप जैसे आयोजन लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं। उन्होंने इस मामले में सहयोग और समर्थन के लिए ट्रंप का धन्यवाद भी जताया।
इस बीच फीफा के विश्व कप मुख्य संचालन अधिकारी हाइमो शिर्गी ने कहा कि संगठन ईरान से जुड़े हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक तनाव के बावजूद विश्व कप को स्थगित करने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है।
शिर्गी ने कहा कि फीफा स्थिति का आकलन रोजाना कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी मुद्दों का समाधान निकल आएगा ताकि क्वालीफाई कर चुकी सभी टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकें।