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“सिर्फ चुनाव नहीं, बदलाव की लड़ाई”-खड़गपुर से दिलीप घोष का बड़ा बयान

दूसरे चरण की वोटिंग शुरू होते ही दिलीप घोष ने जताया हाई वोटिंग का भरोसा, कहा-लोग बदलाव के लिए तैयार।

By श्वेता सिंह

Apr 29, 2026 12:17 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। खड़गपुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने चुनावी लड़ाई को केवल सत्ता हासिल करने का प्रयास न बताते हुए इसे “सामाजिक बदलाव” का आंदोलन करार दिया है।

कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए घोष ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य सिर्फ एक चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज में व्यापक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं है। हम लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए मैदान में उतरे हैं और इस दिशा में लगातार आगे बढ़ते रहेंगे।”

दिलीप घोष ने राज्य में बढ़ती मतदान प्रतिशत को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया। उनके मुताबिक, पहले जहां मतदान 60 से 65 प्रतिशत तक सीमित रहता था, वहीं अब यह बढ़कर 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंच रहा है। उन्होंने इसका श्रेय मतदाताओं की बढ़ती जागरूकता और चुनाव आयोग की सख्ती को दिया, जिससे लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है और वे बड़ी संख्या में मतदान के लिए निकल रहे हैं।

दूसरे चरण का व्यापक दायरा

राज्य में दूसरे चरण के तहत 294 में से 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जो चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इस चरण में करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें 1.64 करोड़ से अधिक पुरुष, 1.57 करोड़ से अधिक महिलाएं और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

कुल 1,448 उम्मीदवार इस चरण में चुनावी मैदान में हैं, जिनमें 220 महिलाएं भी हैं। पूरे राज्य में 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और इनमें से 8,000 से अधिक केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

क्यों अहम है यह चरण?

पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद दूसरा चरण राज्य की चुनावी दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। खासतौर पर दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे क्षेत्रों में मतदान होने के कारण यह सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन के इंतजाम किए हैं।

नतीजों पर टिकी निगाहें

पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि राज्य में किस दल को जनता का समर्थन मिला और सत्ता किसके हाथ जाएगी।

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