सनातन धर्म में शंख का विशेष महत्व है। पूजा में शंख की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शंख की ध्वनि से अशुभ शक्तियां दूर हो जाती हैं, ऐसा प्रचलित विश्वास है। हिंदू धर्म के अनुसार शंख अत्यंत शुभ है और माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय है। घर में शंख सही स्थान पर होने पर परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार शंख को सही तरीके से घर में रखना जरूरी है। शंख रखने में कोई गलती होने पर माता लक्ष्मी क्रोधित होती हैं। जानें कि एक घर में दो शंख रखना शुभ है या अशुभ। शंख रखने के नियम के बारे में वास्तुशास्त्र क्या कहता है ?
घर में 2 शंख रखना ठीक है ?
घर में शंख कैसे रखें, इसके बारे में वास्तु शास्त्र में कई नियम बताए गए हैं। वास्तु विशेषज्ञ कहते हैं कि पूजा के समय एक ही स्थान पर केवल एक शंख रखना चाहिए। चूंकि शंख माता लक्ष्मी का प्रतीक है, इसलिए एक साथ 2 शंख रखना ठीक नहीं है। अगर आपको 2 शंख रखना ही है, तो एक शंख को माता लक्ष्मी के रूप में पूजा करें और दूसरे शंख का उपयोग बजाने के लिए करें। बजाने के काम के लिए निर्धारित शंख का हमेशा बजाने के लिए उपयोग करें और दूसरे शंख का हमेशा पूजा के लिए उपयोग करें।
शंख रखने के वास्तु टिप्स
शंख हमेशा सही वास्तुबिधि का पालन करके ही रखना चाहिए। तभी माँ लक्ष्मी प्रसन्न होंगी। शंख सही नियम का पालन न करने पर नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है। इससे व्यवसाय में नुकसान होगा और वित्तीय हानि भी हो सकती है।
--बाथरूम के पास शंख न रखें
--शंख को कभी सीधे जमीन पर न रखें
--स्नानघर में भी शंख नहीं रखना चाहिए
--महादेव की पूजा में शंख बजाएँ नहीं
--सूर्य देव और शनि देव की पूजा में भी शंख का उपयोग निषिद्ध है
--दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच शंख न बजाएँ
--शंख के उपयोग के बाद गंगाजल से धोकर रख दें
--हर अमावस्या तिथि पर शंख को दूध और दही से पोछें, फिर गंगाजल से धोकर रख दें
--टूटा हुआ शंख घर में न रखें
किस दिशा में शंख रखेंगे ?
उत्तर-पूर्व: सबसे शुभ
पूर्व: शुभ
उत्तर: धन प्राप्ति के लिए शुभ
दक्षिण-पश्चिम: निषिद्ध
दक्षिण: निषिद्ध
दक्षिण-पूरब: निषिद्ध