बारासत: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासत इलाके में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़े पैमाने पर क्रूड बम बरामद होने का मामला सामने आया है। हरुआ थाना क्षेत्र के एक घर में पुलिस की तलाशी के दौरान 22 देशी बम और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का बड़ा जखीरा मिला, जिससे चुनावी माहौल में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घर से मिला विस्फोटक जखीरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरुआ इलाके में स्थित एक घर की तलाशी के दौरान कुल 22 क्रूड बम बरामद किए गए। इसके अलावा मौके से बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में मिला है। यह बरामदगी इस बात की ओर इशारा करती है कि यहां बम निर्माण की गतिविधियां चल रही थीं।
बम स्क्वॉड ने किया निष्क्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया। बम स्क्वॉड की टीम ने पहुंचकर सभी 22 बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद पूरे परिसर को सील कर दिया गया, ताकि किसी भी तरह का खतरा टाला जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
उत्तर 24 परगना की पुलिस अधीक्षक अलकानंदा भौमिक ने बताया कि बम स्क्वॉड की मदद से बमों को निष्क्रिय कर दिया गया है और इलाके को सुरक्षित कर लिया गया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और गहन जांच शुरू कर दी गई है।
हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घर का मालिक घटना सामने आने के बाद से फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
चुनाव से पहले बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हैं। राज्य की 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होना है-पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। मतगणना 4 मई को निर्धारित है। ऐसे में इस तरह की बरामदगी ने चुनावी हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संवेदनशील इलाकों पर नजर
उत्तर 24 परगना का हरुआ, मिनाखान और संदेशखाली जैसे इलाके पहले भी राजनीतिक हिंसा और अवैध हथियारों की घटनाओं को लेकर चर्चा में रहे हैं। इसके अलावा दक्षिण 24 परगना के भांगर इलाके से भी हाल के दिनों में बम और विस्फोटक सामग्री बरामद होने की खबरें सामने आई हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में
इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस बरामदगी के पीछे किसी राजनीतिक या आपराधिक नेटवर्क का हाथ तो नहीं है। हालांकि अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया गया है।
फिलहाल, यह मामला चुनावी माहौल में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।