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ईरान पर अमेरिका का नया हमला, युद्धविराम उल्लंघन का आरोप और पलटवार की चेतावनी

अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर भड़का, हॉर्मुज जलमार्ग पर संकट

तेहरान : अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए नया हमला किया है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है। इस कार्रवाई को लेकर ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और पलटवार की चेतावनी दी है।

ईरान और अमेरिका के बीच एक नए समझौते को लेकर बातचीत चल रही है और दोनों देशों के बीच किसी भी समय एक समझौता होने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच अमेरिका की सेना द्वारा रातभर ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह दावा समाचार एजेंसी रॉयटर्स (रॉयटर्स) की रिपोर्ट में किया गया है।

एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यह हमला ऐसे सैन्य ठिकाने पर किया गया, जिसे ईरान की ओर से हॉर्मुज जलमार्ग में अमेरिकी सेना और वाणिज्यिक नौवहन के लिए खतरा माना जा रहा था।

इसके अलावा बंदर अब्बास क्षेत्र में भी कई विस्फोटों की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस बंदरगाह के पूर्वी हिस्से में तीन जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसियों की ओर से दी गई है।

अमेरिकी अधिकारी ने यह भी दावा किया है कि ईरान द्वारा छोड़े गए कई ड्रोन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया है। वहीं, इस कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है।

उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़रायल द्वारा संयुक्त हमले की बात भी सामने आई थी। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया था। उस संघर्ष के बाद हॉर्मुज जलमार्ग के बंद होने की भी स्थिति बनी, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी गई। इसके बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम और शांति समझौते की घोषणा की थी।

शांति स्थापना को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। दोनों देशों की ओर से कई शर्तें और प्रस्ताव भी सामने रखे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार नए मसौदे में यह मांग भी शामिल है कि ईरान के आसपास से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी हो और हॉर्मुज़ जलमार्ग पर किसी भी तरह का एकतरफा नियंत्रण समाप्त किया जाए। साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि हॉर्मुज़ जलमार्ग के संचालन में ओमान की भूमिका भी शामिल हो सकती है।

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन प्रस्तावों को खारिज करते हुए कहा है कि यह जलमार्ग सभी के लिए खुला रहेगा और अमेरिका किसी भी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने ईरान की रणनीति को लंबा खींचने की कोशिश बताया।

ईरान की ओर से चल रही इन चर्चाओं और घटनाओं को लेकर व्हाइट हाउस ने भी ईरानी मीडिया रिपोर्टों को “मनगढ़ंत” बताया है। इससे पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई की घटनाएँ सामने आ चुकी है जिनमें मिसाइल ठिकानों और रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े ठिकानों पर हमलों का उल्लेख किया गया था। इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है और शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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