दुबईः ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि पहले भारत पर रूसी तेल आयात बंद करने के लिए दबाव बनाने वाला अमेरिका अब खुद दुनिया से रूस से कच्चा तेल खरीदने की अपील कर रहा है, जिसमें भारत भी शामिल है।
सोशल मीडिया पर टिप्पणी
अराघची ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका ने कई महीनों तक भारत पर दबाव डाला कि वह रूस से तेल खरीदना बंद करे। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद अब भारत समेत व्हाइट हाउस दुनियाभर से रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है।
अमेरिका का नया फैसला
यह बयान उस फैसले के बाद आया है जब 5 मार्च को अमेरिका ने भारत को 30 दिन की छूट दी, जिससे वह रूस से तेल खरीद सकता है। इससे पहले अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे।
यूरोप की भूमिका पर आलोचना
ईरानी विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर यूरोप के रुख की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध गैरकानूनी है और यूरोप को लगा था कि इस युद्ध का समर्थन करने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिल जाएगा।
ट्रंप प्रशासन की आलोचना
अराघची ने रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के मौजूदा रुख को बेहद दयनीय बताया।
ईरान पर हमले की पृष्ठभूमि
28 फरवरी से अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर नया समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
युद्ध का विस्तार
ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह संघर्ष बढ़कर पूरे खाड़ी क्षेत्र तक फैल गया।