कहानियों के जादूगर नीलेश मिसरा अब एक नए मंच पर दस्तक दे चुके हैं और इस बार उनकी दुनिया रेडियो नहीं, बल्कि सिनेमा है।
रेडियो पर आवाज़ के जरिए दिलों को छू लेने वाले नीलेश मिसरा ने अब फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखा है। उनकी पहली मिनी फीचर फिल्म “कूद” दर्शकों के सामने आ चुकी है, जिसे उन्होंने अपने यूट्यूब मंच के जरिए पेश किया है।
यह कहानी किसी बड़े शहर की चमक-दमक की नहीं, बल्कि दो अनजान लोगों की है, जो एक ही दिन, एक ही समय पर एक पुल पर पहुंचते हैं और दोनों के मन में एक ही ख्याल होता है, जिंदगी खत्म करने का। लेकिन किस्मत उन्हें आमने-सामने ला खड़ा करती है और यहीं से कहानी एक दिलचस्प मोड़ लेती है।
करीब पचास मिनट की यह फिल्म आज की तेज रफ्तार जिंदगी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। रोज़ के सफर चाहे वह मेट्रो हो, बस हो या टैक्सी उसी दौरान पूरी फिल्म देखी जा सके, इस सोच के साथ नीलेश मिसरा ने एक नया विचार सामने रखा है, जिसे वे “कम्यूट फिल्म” कहते हैं। “कूद” सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि कहानी कहने के नए दौर की शुरुआत है, जहां सिनेमा अब आपकी रोज़मर्रा की यात्रा का हिस्सा बन सकता है।
फिल्म में दो नए गीत भी हैं, जो कहानी के भावनात्मक रंगों को और गहराई देते हैं। छोटे शहरों और कस्बों की सरल, संवेदनशील कहानियों को सिनेमा के रूप में पेश करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
नीलेश मिसरा वही नाम हैं जिन्होंने “यादों का इडियट बॉक्स” और “कहानी एक्सप्रेस” जैसे कार्यक्रमों के जरिए हिंदी कहानी कहने की परंपरा को फिर से जीवित किया। अब वे एक स्वतंत्र गायक-गीतकार के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं।
हाल ही में उनका गीत “जमीन पे तारे” भी सामने आया, जो उनके संगीत सफर का नया पड़ाव है। वहीं फिल्मों के लिए लिखे उनके गीत “जादू है नशा है”, “आई लव यू”, “कुछ तो बता जिंदगी” और “थोड़े से कम अजनबी” आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।