मुंबई : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। देश की सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी IndiGo के शेयरों में बुधवार को तेज उछाल दर्ज किया गया। कंपनी की मूल संस्था InterGlobe Aviation का शेयर ट्रेडिंग के दौरान 11.13 प्रतिशत बढ़कर 4,744 रुपये तक पहुंच गया।
निफ्टी-50 में शामिल कंपनियों में यह सबसे ज्यादा बढ़ने वाला शेयर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी की मुख्य वजह जेट फ्यूल की कीमतों में आई गिरावट है।दरअसल पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ईरान ने कुछ समय के लिए होर्मुज जलडमरू मध्य को बंद कर दिया था। इससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं और जेट फ्यूल भी महंगा हो गया था। इसका असर एयरलाइन कंपनियों पर पड़ा और मार्च महीने में इंडिगो के शेयरों में करीब 12 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
हालांकि अब ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की स्थिति बनने से तेल की कीमतों में राहत आई है। इसका सीधा फायदा इंडिगो को मिला और अप्रैल के पहले सप्ताह में ही कंपनी के शेयर करीब 18 प्रतिशत तक उछल गए।
फिर भी साल 2026 की शुरुआत के मुकाबले कंपनी के शेयर अभी भी लगभग 8 प्रतिशत नीचे हैं। हालांकि लंबी अवधि में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। 2023 से 2025 के बीच इसके शेयरों में करीब 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध की स्थिति सामान्य होते ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर कम होगा और इंडिगो की कमाई में सुधार आएगा। यही वजह है कि भविष्य को लेकर बाजार का रुख इस शेयर के प्रति सकारात्मक बना हुआ है।
बुधवार को शेयर बाजार में भी जबरदस्त तेजी देखी गई। BSE सेंसेक्स 2900 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि Nifty 50 भी 24000 के करीब पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
(नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।)