मुंबई : पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की खबर आते ही भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण कई सेक्टर के शेयर दबाव में थे लेकिन अब हालात सुधरने के संकेत मिलते ही बाजार में रौनक लौट आई है।
युद्धविराम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा और BSE Sensex तथा Nifty 50 दोनों में साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा फायदा विमानन सेक्टर को हुआ। IndiGo के शेयर में 11 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और यह निफ्टी-50 का सबसे बड़ा बढ़त वाला शेयर बन गया। इसके अलावा स्पाइसजेट, इंडियन होटल्स, आईटीसी होटल्स और जीएमआर एयरपोर्ट जैसी कंपनियों के शेयरों में भी उछाल देखा गया।
तेल क्षेत्र की कंपनियों को भी राहत मिली। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों के शेयर 5 से 7 प्रतिशत तक बढ़े। Reliance Industries के शेयर में भी 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
पश्चिम एशिया में परियोजनाओं से जुड़ी कंपनियों को भी फायदा हुआ। लार्सन एंड टुब्रो और अदाणी पोर्ट्स के शेयर 7 प्रतिशत से अधिक बढ़े जबकि केईसी इंटरनेशनल में 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई।
गैस वितरण क्षेत्र में भी तेजी देखी गई। होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद से इंद्रप्रस्थ गैस, महानगर गैस और गुजरात गैस के शेयर करीब 4 प्रतिशत बढ़े। पेट्रोनेट एलएनजी में लगभग 5 प्रतिशत और गेल के शेयर में 4 प्रतिशत की बढ़त हुई।
पेंट और उर्वरक क्षेत्र भी पीछे नहीं रहे। एशियन पेंट्स और बर्जर पेंट्स के शेयर 3 से 5 प्रतिशत तक बढ़े। वहीं पारादीप फॉस्फेट, नेशनल फर्टिलाइजर और गुजरात नर्मदा फर्टिलाइजर जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात सामान्य बने रहते हैं तो आने वाले समय में बाजार में यह सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है।
(नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।)