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"मतदान का अवसर नहीं मिला तो बाद में नाम जुड़कर क्या फायदा?”-भवानीपुर सीट से नामांकन के बाद ममता बनर्जी का बयान

वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटने को लेकर जताई चिंता और नाराजगी

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 08, 2026 12:00 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भवानीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार के रूप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल किया। सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर वह अलीपुर स्थित सर्वे बिल्डिंग पहुंचीं और औपचारिकताएं पूरी कीं। नामांकन के बाद बाहर आकर उन्होंने ‘डिलीटेड’ मतदाताओं के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि बाद में नाम जुड़ भी जाए तो क्या फायदा, जब मतदान करने का अवसर ही नहीं मिलेगा।

सुबह वह कालीघाट स्थित अपने आवास से रैली के रूप में अलीपुर पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ कोलकाता के मेयर और राज्य सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम, परिवार के सदस्य और पार्टी के कई नेता मौजूद थे। करीब 11 बजकर 20 मिनट पर नामांकन जमा करने के बाद उन्होंने बाहर आकर समर्थकों और स्थानीय लोगों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बचपन से ही उनका इस इलाके से गहरा जुड़ाव रहा है। यही उनका घर है और यहीं से उनका राजनीतिक सफर और संघर्ष आगे बढ़ा है। भवानीपुर को अपनी कर्मभूमि बताते हुए उन्होंने क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार और अभिवादन व्यक्त किया।

भवानीपुर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है, जहां उनका सीधा सामना भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा। इससे पहले 2021 के चुनाव में भी दोनों नेताओं के बीच नंदीग्राम सीट पर कड़ा मुकाबला हुआ था, जिसमें अधिकारी ने मामूली अंतर से जीत हासिल की थी। बाद में ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी की थी।

भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने 2 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद थे।

इस बार शुभेंदु अधिकारी दो सीटों भवानीपुर और नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं ममता बनर्जी लगातार जनसभाएं कर रही हैं और अपनी सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा को बंगाल की संस्कृति से अलग बताने की कोशिश की है और प्रवासी बंगाली श्रमिकों के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की है।

तृणमूल कांग्रेस अपने चुनावी अभियान में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना और ‘10 वादों’ को प्रमुखता से पेश कर रही है। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये और अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं को 1700 रुपये देने का वादा किया गया है। साथ ही बेरोजगार युवाओं के लिए भी मासिक सहायता का प्रावधान रखा गया है। दूसरी ओर भाजपा अवैध घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुख चुनावी एजेंडा बना रही है और नंदीग्राम जैसी जीत को भवानीपुर में दोहराने का दावा कर रही है।

294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, और मतगणना 4 मई को निर्धारित है। भवानीपुर सीट पर दोनों दिग्गज नेताओं के बीच मुकाबला इस चुनाव का सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा है।

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