🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

आतंकी संगठनों से संबंध के आरोप में सख्त कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर में दो सरकारी कर्मियों की नौकरी खत्म

हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे दोनों कर्मचारियों को LG मनोज सिन्हा ने सेवा से बर्खास्त किया

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 08, 2026 13:07 IST

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को दो सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई आतंक के प्रति शून्य सहनशीलता नीति के तहत की गई है।

सूत्रों के अनुसार यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत लिया गया- जिसके जरिए उन तत्वों को हटाने की कोशिश की जा रही है जो सरकारी तंत्र के भीतर रहकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में से एक रामबन जिले में शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। उस पर आरोप है कि वह हिजबुल मुजाहिदीनसे जुड़ा हुआ था और अपनी सरकारी नौकरी का इस्तेमाल आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों की नजर उस पर 2011 में पड़ी थी, जब हवाला के जरिए आतंकियों के परिवारों तक धन पहुंचाने के मामले का खुलासा हुआ था।

जांच में सामने आया कि वह लंबे समय तक स्थानीय आतंकी नेटवर्क के संपर्क में रहकर संगठन को मजबूत करने में लगा था। एजेंसियों ने उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाकर 2022 में विशेष अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया था।

दूसरा कर्मचारी ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत था और उसे अपने पिता की मृत्यु के बाद सहानुभूति के आधार पर नौकरी मिली थी। जांच में पता चला कि वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था और बांदीपोरा क्षेत्र में सक्रिय आतंकियों को रसद, ठिकाने और अन्य मदद उपलब्ध कराता था।

सूत्रों के अनुसार वह आतंकियों की आवाजाही में मदद करता था, सुरक्षा बलों की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करता था और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क तैयार करने में भी शामिल था। अप्रैल 2025 में उसे एक संयुक्त नाके पर जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जहां से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि वह केवल सहयोगी ही नहीं, बल्कि सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल हो चुका था और सुरक्षा बलों पर हमले की साजिश में भी भूमिका निभा रहा था। सरकारी सूत्रों का कहना है कि अब तक 90 से अधिक ऐसे कर्मचारियों को सेवा से हटाया जा चुका है, जिनके आतंकी संगठनों से संबंध पाए गए हैं।

Articles you may like: