🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

Bengal Election: राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया - “बंगाल की तरफ देखा तो 1971 जैसा अंजाम होगा”

पाकिस्तान की धमकी पर केंद्रीय रक्षा मंत्री ने दिया कड़ा संदेश । कोलकाता पर हमले के बयान से गरमाई सियासत; ममता ने केंद्र की चुप्पी पर उठाए थे सवाल।

By श्वेता सि्ंह

Apr 07, 2026 16:08 IST

बैरकपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) के कोलकाता पर हमला करने वाले बयान ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने तीखी प्रतिक्रिया दी और पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी।

राजनाथ सिंह ने बैरकपुर में मीडिया से कहा कि पाकिस्तान को बंगाल की ओर आंख उठाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने 1971 के युद्ध का हवाला देते हुए कहा, “जब 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) अलग हुआ था, तब पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलना पड़ा। अगर फिर से कोई गलती हुई तो परिणाम गंभीर होंगे, और उसे पाकिस्तान खुद समझेगा।”

विवाद शुरू कहां से हुआ ?

यह विवाद मूल रूप से केरल में राजनाथ सिंह के बयान से शुरू हुआ। उन्होंने कहा था कि अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है। अगर पाकिस्तान कोई गलत कदम उठाता है तो भारतीय सेना उसे भूल नहीं पाएगी।

इसके तुरंत बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन करता है तो पाकिस्तान कोलकाता तक हमला कर सकता है। उन्होंने इसे “तेज, सटीक और निर्णायक” कार्रवाई बताते हुए चेतावनी दी।

टीएमसी का केंद्र पर हमला

पाकिस्तान की धमकी और केंद्र की चुप्पी पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने निशाना साधा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने नदिया जिले की रैली में पूछा, “जब पाकिस्तान कोलकाता जैसे बड़े शहर को धमकी दे रहा है, तब प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चुप क्यों हैं? क्या यह चुनावी साजिश है?”

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने और भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार केंद्र में आएगी, तो पाकिस्तान को उनके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र पर भी सवाल उठाया कि पाकिस्तान की धमकी पर वे चुप क्यों हैं।

चुनावी माहौल में सुरक्षा का मुद्दा हावी

राजनाथ सिंह ने बैरकपुर रैली में अधिकांश समय ममता बनर्जी सरकार की आलोचना में बिताया। उन्होंने बेरोजगारी, उद्योगों की कमी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा। हालांकि, पाकिस्तान के बयान पर उन्होंने मंच पर सीधे चर्चा नहीं की, लेकिन बाद में मीडिया से जवाब दिया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में होंगे। कुल 294 सीटों पर मतदान होगा और परिणाम 4 मई को आएंगे। चुनावी माहौल में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा असामान्य नहीं है, लेकिन पाकिस्तान द्वारा कोलकाता जैसे बड़े शहर का सीधे उल्लेख और उसे बंगाल चुनाव से जोड़ना राजनीतिक टकराव को और बढ़ा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 के पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी। यह विवाद भाजपा और टीएमसी के बीच जुबानी जंग को और तेज कर रहा है। भाजपा राष्ट्रीय सुरक्षा और ‘मजबूत भारत’ के मुद्दे पर वोट मांग रही है, जबकि टीएमसी केंद्र की चुप्पी और राजनीतिक साजिश का आरोप लगा रही है।

राजनाथ सिंह का बयान 1971 के इतिहास को याद दिलाकर पाकिस्तान के लिए कड़ी चेतावनी है। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे, लेकिन यह विवाद अभी कुछ समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।

Articles you may like: