छुट्टियों का सीजन हो या सप्ताहांत पूर्व मिदनापुर के समुद्रतटीय इलाकों दीघा व मंदारमणी पर्यटकों की पहली पसंद होता है। सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों व विदेशी पर्यटक भी अब इन दोनों समुद्रतटीय शहरों में भीड़ जमाने लगे हैं। समुद्र तट के अलावा इन दोनों शहरों में एडवेंचर स्पोर्ट्स पसंद करने वाले लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में नए नियम लागू करने की पहल की है।
बता दें, कुछ दिनों पहले ही एडवेंचर स्पोर्ट्स करवाने वाली कई कंपनियों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बैठक की थी। बैठक में इन कंपनियों को सभी सरकारी नियमों का कठोरता के साथ पालन करने और पर्यटकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की हिदायत दी गयी थी। कौन से नए नियम हैं जो एडवेंचर स्पोर्ट्स कंपनियों पर लागू किए जा रहे हैं?
पूर्व मिदनापुर जिले का दीघा व मंदारमणी ऐसे दो शहर हैं, जहां पर्यटक सिर्फ समुद्र तट पर घूमने आदि के लिए ही नहीं बल्कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन भी आते हैं। यहां कई तरह के एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे पैराग्लाइडिंग, स्पिड बोटिंग, बीच बाइक राइडिंग आदि करवाए जाते हैं। हालांकि इन सभी एडवेंचर स्पोर्ट्स को करते समय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल भी उठते रहे हैं।
कुछ साल पहले जब मंदारमणी में पैराग्लाइडिंग के दौरान इलेक्ट्रिक पोल से टकराने की वजह से मुर्शिदाबाद जिले के एक पर्यटक की मौत हो गयी थी उसके बाद पैराग्लाइडिंग को लंबे समय तक बंद कर दिया गया था। इसके अलावा समुद्र में नहाने उतरे पर्यटक कई बार स्पीड बोट के धक्के से घायल भी हुए हैं। हालांकि बाद में समुद्र के अंदर पानी के बीच से फिर से पैराग्लाइडिंग को शुरू किया गया था।
ऐसी परिस्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कदम उठाया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि अब से निर्धारित कुछ जगहों के अलावा एडवेंचर स्पोर्ट्स का संचालन और कहीं से नहीं होगा। फैसला लिया गया है कि दीघा में 3 और मंदारमणी में 2 यानी कुल 5 प्वाएंट्स ऐसे होंगे जहां से पैराग्लाइडिंग, स्पीडबोट और अन्य एडवेंचर राइड्स का संचालन किया जाएगा। सभी कंपनियां रोटेशन पद्धति में राइड का संचालन करेगी ताकि प्रत्येक संस्था को मौका मिले और पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
सरकारी नियमानुसार ही सभी सामानों का इस्तेमाल किया जाएगा। पर्यटकों को लाइफ जैकेट प्रदान करना, निर्धारित दूरी बनाए रखते हुए राइड का संचालन करना व अन्य सुरक्षा नियमों का कठोरता के साथ पालन करना होगा। नियमों का अच्छी तरह से पालन किया जा रहा है अथवा नहीं, इस बात की निगरानी जिला प्रशासन करेगी। संभावना जतायी जा रही है कि इससे पर्यटकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी।