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18 दिन, 141 साइबर फर्जीवाड़ा और गायब हुए 1 करोड़ रुपए... सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

18 फरवरी तक मिले आंकड़ों के अनुसार पूर्व मिदनापुर में साइबर अपराधों की 141 शिकायतें दर्ज करवायी जा चुकी है।

By Ayantika Saha, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 21, 2026 16:11 IST

साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद लोग विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों का शिकार बन जाते हैं। कभी मोबाइल पर कॉल, एसएमएस, ऑनलाइन लिंक, बैंक अकाउंट का केवाईसी और यहां तक नौकरी के विज्ञापन के माध्यम से भी लोगों को शिकार बनाया जा रहा है।

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर लगभग हर दिन ही इस तरह के ढेरों शिकायतें जमा होती रहती है। इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर, नई दिल्ली के निर्देशानुसार प्रताड़ना की शिकायत मिलने के तुरंत बाद ही संबंधित संदेहास्पद बैंक अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाता है। जिला पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 18 फरवरी तक मिले आंकड़ों के अनुसार पूर्व मिदनापुर में साइबर अपराधों की 141 शिकायतें दर्ज करवायी जा चुकी है।

दावा किया जा रहा है कि साइबर अपराधों के माध्यम से करीब 1 करोड़ रुपया हथिया लिया गया है। बताया जाता है कि इन शिकायतों के आधार पर विभिन्न बैंक में करीब 35 लाख रुपया फ्रीज कर दिया गया है। जिले के कार्यकारी पुलिस सुपर मितुन कुमार दे का कहना है कि जब भी कोई व्यक्ति नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाता है, तब शुरुआती तौर पर जिस बैंक अकाउंट में रुपया गया है, उसे फ्रीज कर दिया जाता है। जांच में संबंधित व्यक्ति निर्दोष साबित होता है तो तुरंत ही उसका अकाउंट डी-फ्रीज कर दिया जाता है। बताया जाता है कि अदालत के फैसले या पुलिस की एनओसी के माध्यम से ही यह प्रक्रिया संपन्न की जाती है।

पुलिस सुपर ने आगे कहा कि मुख्य रूप से कॉल सेंटर, फर्जी बैंक कर्मी, नौकरी का लिंक या ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से लोगों को फंसाया जा रहा है। इसके बाद हथिया गया रुपया कई बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होता है। इस वजह से असली अपराधी को ढूंढ निकालना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में साइबर क्राइम थाना के अधिकारी प्रत्येक शिकायत की जांच करने के साथ ही आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन से भी सतर्क रहने की सलाह दी गयी है।

आम लोगों से किसी अनजान नंबर से फोन आने पर उसे न उठाने, संदेहास्पद लिंक पर क्लिक न करने, व्यक्तिगत या बैंक से संबंधित जानकारियां किसी से साझा न करें और किसी भी चीज को लेकर संदेह होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा गया है। पुलिस की ओर से विभिन्न स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

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