महाराष्ट्र में मारे गए सुखेन महतो के परिवार से मिलने आज शुक्रवार को ही तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पुरुलिया जा रहे हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से एक पोस्ट कर दी है। इस पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने लिखा है कि आज (शुक्रवार) दोपहर 12 बजे वह सुखेन महतो के परिवार से मिलेंगे।
वह उनके प्रति अपनी संवेदना जताने के लिए वहां जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों में प्रवासी मजदूरों और खासतौर पर बांग्लाभाषी मजदूरों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज भी उठायी जाएगी।
गौरतलब है कि गत बुधवार की दोपहर को पुणे के शिकारपुर थाना के करेगांव भीमा इलाके से सुखेन महतो का शव बरामद किया गया था। वह पुणे में प्रवासी मजदूर के तौर पर काम करता था। बताया जाता है कि वह पुरुलिया के बड़ाबाजार थाना क्षेत्र के तुमड़ाशोल के बांधडी का रहने वाला था। तृणमूल नेताओं व परिवार के सदस्यों का आरोप है कि बांग्लाभाषा में बात करने की वजह से उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी। हालांकि पुणे की पुलिस ने इन आरोपों को मानने से इनकार किया है।
साल 2021 से पुणे में प्रवासी मजदूर के तौर पर सुखेन महतो काम कर रहा था। वह उसी इलाके में गाड़ियों का पार्ट्स बनाने वाली एक कंपनी में काम करता था जहां से उसका शव बरामद हुआ। बुधवार की रात को ही उसके घर पुरुलिया जिला तृणमूल कांग्रेस के नेता पहुंचे थे। उन्होंने परिवार से मुलाकात की और हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
पुरुलिया जिला तृणमूल कांग्रेस के चेयरमैन शांतिराम महतो का आरोप है कि बांग्ला भाषा में बात करने की वजह से ही कुर्मी जाति के प्रवासी मजदूर की हत्या की गयी है। इस मुद्दे को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपना विरोध जताया है।
हालांकि महाराष्ट्र पुलिस ने इन आरोपों को मानने से इनकार कर दिया है। उनका दावा है कि घटना वाले दिन सुखेन का किसी व्यक्ति के साथ बहस हुआ था। उसी विवाद में उसकी हत्या कर दी गयी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटना की जांच की जा रही है। बता दें, इससे पहले महाराष्ट्र व ओडिशा समेत कई राज्यों में हाल के दिनों में बंगाल के प्रवासी मजदूरों की हत्या हो चुकी है।