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हाथियों के मूवमेंट वाले असुरक्षित रास्तों से परीक्षा केंद्र तक जाने को मजबूर माध्यमिक के परीक्षार्थी, वन विभाग पर गंभीर आरोप

आरोप है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब माध्यमिक के परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया।

By Elina Dutta, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 02, 2026 11:30 IST

आज से माध्यमिक की परीक्षा शुरू हो रही है। जीवन की पहली बोर्ड परीक्षा...इसे लेकर परीक्षार्थियों के मन में डर का होना जायज है। लेकिन बांकुड़ा जिले के कुछ खास इलाकों में माध्यमिक के परीक्षार्थियों के मन में इस समय सबसे बड़ा डर निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र में सही-सलामत पहुंचने की है। क्यों?

क्योंकि जिस रास्ते से होकर परीक्षार्थी माध्यमिक के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे वह है एलिफैंट कॉरिडोर। जहां से होकर जंगली हाथी हमेशा आवाजाही करते हैं। अगर किसी भी दलछुट हाथी या हाथियों के समूह ने रास्ता रोककर खड़े होने का फैसला ले लिया तो न सिर्फ इन परीक्षार्थियों को निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में विलंब होगी बल्कि बात जान पर भी बन आ सकती है।

बांकुड़ा जिले के कालपाइनी समेत कई गांवों के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब माध्यमिक के परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। हर बार वन विभाग की ओर से ही परीक्षार्थियों को सुरक्षित परीक्षा केंद्र तक आने और वापस लौटने की व्यवस्था की जाती है।

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हालांकि स्थानीय विधायक का दावा है कि परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं ही की गयी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस समय बांकुड़ा के जंगलों में 33 जंगली हाथी घूम रहे हैं जो कई बार भोजन की तलाश में ग्रामीण इलाकों में भी घुस जाते हैं। ये जंगली हाथी न सिर्फ घर और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि कई बार हाथियों के सामने पड़ जाने की वजह से आम ग्रामीणों की जान तक चली जाती है।

ऐसी स्थिति में ही सोमवार से माध्यमिक की परीक्षा शुरू हो रही है। हाथियों के हमले से बचाकर परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए हर साल वन विभाग की ओर से गाड़ियों की व्यवस्था की जाती थी। जंगल के रास्तों पर हुला पार्टी और वन विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति होती थी।

लेकिन आरोप है कि बांकुड़ा के जंगलों में पहली बार कालपाईनी समेत अन्य गांवों में माध्यमिक के परीक्षार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। इस वजह से परीक्षार्थियों को 3 -4 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्रों तक खुद ही पहुंचना पड़ रहा है। इसके साथ ही अभिभावकों की चिंताएं भी बनी हुई है क्योंकि परीक्षार्थियों को जंगली इलाकों से होकर जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।

इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है लेकिन बड़जोड़ा के स्थानीय विधायक का दावा है कि बांकुड़ा जिला प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा केंद्र तक आवाजाही के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गयी हैं।

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