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वाम सरकार में हुआ था शिलान्यास, ममता बनर्जी ने किया मास्टर प्लान का उद्घाटन, क्या बदलेगी घाटाल की किस्मत?

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बुधवार को सिंगुर की सभा से ममता बनर्जी ने इसका उद्घाटन किया है।

By Debdeep Chakraborty, Posted By : Moumita Bhattacharya

Jan 28, 2026 19:50 IST

साल 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले घाटाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए देव को साथ लेकर ही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'घाटाल मास्टर प्लान' की घोषणा की थी। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बुधवार को सिंगुर की सभा से उन्होंने इसका उद्घाटन भी कर दिया।

गौर करने वाली बात यह रही कि उद्घाटन के दिन भी मुख्यमंत्री के साथ मंच पर घाटाल के सांसद देव उपस्थित रहे। राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपया भी आवंटित किया है। बताया जाता है कि दोनों मिदनापुर में कुल मिलाकर 801 वर्ग किलोमीटर में बाढ़ प्रतिरोधक इस परियोजना का निर्माण किया जा रहा है।

इस परियोजना में कुल मिलाकर 1500 करोड़ रुपए खर्च होने वाला है। हालांकि 'घाटाल मास्टर प्लान' नया नहीं है। इसके पीछे लगभग 75 सालों का इतिहास है। बता दें, घाटाल मुख्य रूप से शिलावती, कंसावती और द्वारकेश्वर नदियों की बीच टापू की तरह एक भूमि है।

अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से ही हर साल बारिश के मौसम में घाटाल का बड़ा इलाका जलमग्न हो जाता है। बाढ़ को रोकने के लिए वर्ष 1952 में घाटाल के तत्कालीन वाम सांसद निकुंज बिहारी चौधरी ने नदी के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने वर्ष 1959 में नदी विशेषज्ञ मान सिंह के नेतृत्व में एक आयोग का गठन किया।

आयोग ने घाटाल में बाढ़ प्रतिरोधक के लिए एक रिपोर्ट भी जमा की। उसी समय मास्टर प्लान बनाया गया था। लेकिन राज्य में जब सरकार बदली उसी समय वर्ष 1978 में आयी भयावह बाढ़ में अन्य जिलों के साथ ही घाटाल को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था। वर्ष 2982 में वामपंथी सरकार के तत्कालीन सिंचाई मंत्री प्रभास राय ने घाटाल मास्टर प्लान का शिलान्यास किया था।

घाटाल सेतु के पास वह शिलान्यास पट्ट अभी भी मौजूद है। वर्ष 2014 में जब अभिनेता देव यानी दीपक अधिकारी को लोकसभा का टिकट मुख्यमंत्री ने दिया उसके बाद ही चुनाव जीतने के बाद लोकसभा में देव ने घाटाल प्लान को लागू करने के लिए कई बार आवेदन भी किया था।

शुरुआत में कहा गया था कि राज्य और केंद्र दोनों सरकार संयुक्त रूप से इस प्लान के लिए आर्थिक मदद करेगी। लेकिन वर्तमान में सिर्फ राज्य सरकार की पहल पर ही यह काम आगे बढ़ रहा है।

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