नरेंद्रपुर थानांतर्गत आनंदपुर के नजिराबाद के गोदाम में आग लगने की घटना में अभी तक काफी लोग लापता है। लेकिन इतनी नकारात्मकता और हताशा के बीच पूर्व मिदनापुर के मयना के विष्णुपद खूंटिया उम्मीद की एक किरण बनकर उभरे हैं। चांदीबेनिया निवासी विष्णुपद मंगलवार को ही मयना के अपने घर लौटे हैं।
इसे वह अपना पुनर्जन्म मान रहे हैं। अभी तक उनकी आवाज रुंधी हुई है और आवाज में खौफ नजर आ रहा है।
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विष्णुपद खूंटिया ने रविवार की उस खौफनाक रात के बारे में बताया-
खाना खाने के बाद रोज की तरह ही रविवार को भी सो गया था। उस समय रात को करीब 9 या 9.30 बज रहा था। पूरे दिन की कड़ी मेहनत के बाद गहरी नींद में सो गया था। अचानक एक चीख की वजह से मेरी नींद खुली। उठ बैठा तो सुनाई दिया, कोई चीख रहा था कि बाहर निकल आ। आग लगी है। बाहर आ वरना नहीं बचेगा। चीख-पुकार सुनते ही हाथों में मोबाइल उठाया और दौड़कर बाहर भागा।
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इतनी देर में 10 सेकंड का समय भी नहीं बीता था लेकिन मैं सांस नहीं ले पा रहा था। चारों तरफ सिर्फ धुआं। कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था। सीढ़ियों से कूदकर किसी तरह से बाहर निकल गया। उसके बाद जो देखा, उसे भूलाया नहीं जा सकता। महज कुछ ही पलों में सब कुछ जलकर राख हो गया।