राख के ढेर से निकल रही है अधजली लाश और हड्डियों का ढांचा। नाक पर बिना रुमाल डाले आगे बढ़ने का कोई उपाय ही नहीं क्योंकि हर तरफ जलने की बदबू आ रही है। मंगलवार की सुबह आनंदपुर में लगी आग बुझ तो लगी लेकिन कुछ जगहों पर अभी तक पॉकेट फायर नजर आ रहा है।
रविवार की देर रात को नरेंद्रपुर थानांतर्गत आनंदपुर इलाके के नजीराबाद में एक डेकोरेटर्स के गोदाम में आग लग गयी। गोदाम में थर्मोकोल और कई ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी की वजह से आग को भड़कने में जरा भी देर नहीं हुई। गोदाम के पास ही एक मोमो बनाने के कारखाने में भी आग फैल गयी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद दमकल की 12 इंजन मौके पर पहुंची।
आधिकारिक तौर पर इस दुर्घटना में अभी तक 3 लोगों की मरने की जानकारी मिली है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 7 भी बतायी जा रही है। इसके साथ ही परिजनों ने 8 लोगों के लापता होने की शिकायत भी नरेंद्रपुर थाना में दर्ज करवायी है। कुल मिलाकर लापता लोगों की संख्या 30 या उससे भी अधिक हो सकती है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि मृतकों की संख्या भी बढ़ सकती है। जैसे-जैसे जले हुए इमारत और सामानों को हटाया जा रहा है उसके नीचे से हड्डियां बाहर निकल रही है।
मंगलवार को दुर्घटनास्थल का राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बसु और दमकल डीजी रणवीर कुमार ने दौरा किया। रणवीर कुमार ने स्वीकार किया दुर्घटनास्थल पर आग बुझाने की उपयुक्त व्यवस्था नहीं थी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अगर दमकल विभाग पहले इस तरफ निगरानी करता तो आज इतना भयावह हादसा नहीं होगा।
दमकल विभाग के डीजी ने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ FIR की जाएगी। कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही सारे कदम उठाए जाएंगे। निगरानी की कमी से संबंधित जो शिकायतें दर्ज करवायी जा रही हैं उसके बारे में उन्होंने कहा कि कई जगहों पर ऑडिट किया जाता है। यह जगह संभवतः किसी कारणवश मिस हो गया है।
दमकल मंत्री सुजीत बोस ने अपने बयान में कहा कि जब सबसे पहले यहां दमकल पहुंची तब परिस्थिति काफी जटिल थी। पूरा इलाका थर्मोकॉल और प्लास्टिक से भरा हुआ था। यहां अग्निशमन यंत्र भी पर्याप्त संख्या में नहीं मिली थी। उन्होंने पूरी घटना की जांच करने का आश्वासन दिया है। साथ ही कहा कि फायर ऑडिट हुआ था अथवा नहीं इसकी जांच की जाएगी।
इस घटना को लेकर दमकल की ओर से FIR की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से सभी आवश्यक कदम जरूर उठाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बड़ी संख्या में लोग लापता हो गए हैं।
दूसरी ओर भाजपा नेता शर्बरी मुखर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित जिले में भूमि को भरकर गैरकानूनी तरीके से गोदाम, कारखाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 13-14 सालों से देख रही हूं कि गैरकानूनी तरीके से जमीन को भरने का काम किया जा रहा है। दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि मांस जलने की बदबू आ रही है।
बताया जाता है कि तीन मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। मंगलवार को घटनास्थल पर फॉरेंसिक की टीम पहुंची है। कारखाना और गोदाम से आवश्यक सबूत इकट्ठा किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि गोदाम में पूर्व मिदनापुर जिले के तमलुक, मयना और पश्चिम मिदनापुर जिले के पिंगला से काफी लोग यहां काम करते थे और रात को यहीं सोते थे। परिजनों का आरोप है वे लापता हैं। इसके साथ ही मोमो बनाने के कारखाना में दो सुरक्षाकर्मी भी थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि जब वे सो रहे थे उसी समय आग लग गयी। इसलिए उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।
जानकारी के अनुसार पुलिस ने डेकोरेटर के गोदाम के मालिक गंगाधर दास के खिलाफ खुद से संज्ञान लेते हुए मामला दायर किया गया है। हालांकि इस घटना में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।