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गारुलिया नगर पालिका में बड़ा सियासी संकट, एक साथ कई पार्षदों के इस्तीफे से हड़कंप

गारुलिया नगर पालिका के वार्ड 21 में अभी भी 10 पार्षद हैं। सामूहिक इस्तीफों से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की आशंका, सोमवार को और इस्तीफों की संभावना।

By श्वेता सिंह

May 23, 2026 22:18 IST

उत्तर 24 परगनाः गारुलिया नगर पालिका में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को अचानक 9 तृणमूल कांग्रेस पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया, जिससे पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

21 वार्डों वाली इस नगर पालिका में अब सिर्फ 10 पार्षद ही बचे हैं। हालात को और गंभीर बनाते हुए जानकारी सामने आई है कि आने वाले सोमवार तक और 8 पार्षद इस्तीफा दे सकते हैं। इसी के साथ नगर पालिका के अध्यक्ष रमेन दास ने भी पद छोड़ने की बात कही है।

एक साथ 11 इस्तीफे, आगे और बढ़ सकता है आंकड़ा

शनिवार को कुल 11 लोगों ने इस्तीफा दिया। इनमें तृणमूल कांग्रेस के कई पार्षदों के साथ कुछ अन्य सदस्य भी शामिल हैं। सभी ने उप-नगर पालिका अध्यक्ष के नेतृत्व में यह कदम उठाया।

इस्तीफा देने वालों में उप-नगर पालिका अध्यक्ष अशोक सिंह (17 नंबर वार्ड), गौतम बोस (5 नंबर वार्ड), तपस विश्वास (1 नंबर वार्ड), चैताली सेन (11 नंबर वार्ड), अर्चना चौधरी (15 नंबर वार्ड), दुर्गाबती चौधरी (8 नंबर वार्ड), सुप्रिया खातून (7 नंबर वार्ड), सीमा पाल (2 नंबर वार्ड) समेत कई अन्य नाम शामिल हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष रमेन दास ने कहा कि जो पार्षद अभी इस्तीफा नहीं दे पाए हैं, उनसे बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार तक बाकी 8 पार्षद भी पद छोड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद भी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे।

प्रशासनिक कामकाज पर असर की आशंका

एक साथ इतनी बड़ी संख्या में इस्तीफों के बाद नगर पालिका के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर कई योजनाओं और सेवाओं के संचालन में बाधा आने की आशंका है।

विपक्ष का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक दबाव और अंदरूनी मतभेद का नतीजा है। वहीं सत्तारूढ़ दल के अंदर भी इस स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

राजनीतिक तनाव बढ़ा

इस घटनाक्रम के बाद पूरे उत्तर 24 परगना जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसे केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि संगठन के भीतर गहरे संकट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर सोमवार को और इस्तीफे होते हैं, तो नगर पालिका में कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।

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