पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने संयम के साथ खर्च को नियंत्रित करने का संदेश दिया था। अब प्रधानमंत्री के संदेश के अनुरूप ही काम करते हुए पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों को खर्च में कटौती करने की सलाह दी है।
इसके लिए प्रत्येक विभाग से प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया है। इस बाबत राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने निर्देश जारी किया था।
इसी निर्देश को लागू करते हुए राज्य के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया गया है।
इस बाबत गुरुवार (23 मई) को विकास भवन की ओर से निर्देशिका जारी कर दी गयी है जिसमें खर्च कम करने के लिए 6 सूत्रीय उपाय लागू किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि राज्य सरकार के अन्य विभाग भी अपने-अपने स्तर पर खर्च में कटौती की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
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शिक्षा विभाग की विज्ञप्ति में कहा गया
शिक्षा विभाग ने जो विज्ञप्ति जारी की उसमें कहा गया है कि अगले आदेश तक सभी बैठकें केवल वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ही करनी होंगी। किसी भी दस्तावेज की अतिरिक्त फोटोकॉपी या प्रिंट निकालने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक फाइल को ई-ऑफिस प्रणाली के जरिए ही प्रोसेस करना होगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि बहुत महत्वपूर्ण यात्राओं के अलावा अन्य यात्राओं के परिवहन के लिए कार पुल का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके लिए विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी को कार पूल का रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग के सचिवालय और निदेशालय कार्यालयों में लिफ्ट तथा बिजली, पंखों आदि के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए कहा गया है।
विकास भवन द्वारा जारी विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शाम को 7 बजे के बाद गैर-जरूरी बिजली का सभी ऑफिसों में इस्तेमाल बंद कर देना होगा। साथ ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए रोस्टर भी तैयार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि युद्ध जैसे हालातों और ईंधन भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच संयम बरतने का प्रस्ताव सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आया था। उन्होंने ईंधन की खपत कम करने, कार पूल का अधिक उपयोग करने और जहां तक संभव हो ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने जैसे कदम उठाने का संदेश दिया था।
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यहां तक कि निजी कंपनियों को भी इस दिशा में प्रोत्साहित करने की बात कही गई थी। उनकी अपील के आधार पर ही दिल्ली सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने का निर्देश दिया है। अब उसी रास्ते पर बंगाल सरकार का शिक्षा विभाग भी आगे बढ़ रहा है।
इस बाबत विकास भवन से जारी निर्देशिका में कहा गया है कि स्कूल कमिश्नर समेत स्कूल शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी चरणबद्ध तरीके से घर से काम करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी गाड़ियों का कम से कम इस्तेमाल करना है। इस वजह से रोस्टर भी तैयार किया जा रहा है जिसमें कौन सा अधिकारी कब ऑफिस आएगा और किस समय कौन सी गाड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा, इसका पूरा ब्यौरा दिया जा रहा है।
अधिकारियों को ऑफिस लाने के लिए व्यक्तिगत गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। अगर वे ऑफिस न आकर घर से ही ऑनलाइन काम करें तो ईंधन और उनसे जुड़े अन्य खर्च जैसे ऑफिस का एसी, पंखा, बिजली आदि की बचत होगी।
बताया जाता है कि फिलहाल सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों के लिए ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ का निर्देश जारी किया गया है ताकि आम लोगों को कोई परेशानी न हो। हालांकि निर्देशिका में यह भी कहा गया है कि जरूरत होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी ऑफिस बुलाया जा सकता है।