मौका नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 129वें जन्मदिवस है लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखा वार करने का मौका नहीं चुका। रेड रोड पर नेताजी के जन्मदिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी शामिल हुई। यहां अपने संबोधन में उन्होंने SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ ही बोस परिवार के सदस्य सुगत बोस, चंद्र बोस व अन्य भी शामिल हुए।
SIR को लेकर साधा निशाना
राज्य में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले SIR करवाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। शुक्रवार को इस मुद्दे पर एक बार फिर से उन्होंने तीखा हमला बोला। ममता बनर्जी ने कहा, 'SIR की वजह से 110 से अधिक लोगों की जान चली गयी है। हर रोज 3-4 लोग आत्महत्या कर रहे हैं, मर रहे हैं। क्यों इतना कुछ होने के बाद भी चुनाव आयोग के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी?
इसकी जिम्मेदारी आयोग और केंद्र सरकार को लेना होगा। अभी भी 40 लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जुझ रहे हैं। क्या उनकी जिंदगी का कोई महत्व नहीं है?' इसके साथ ही उन्होंने अमर्त्य सेन से लेकर कई लोकप्रिय हस्तियों को सुनवाई के लिए बुलाने की बात को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कटाक्ष किया।
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अगर नेताजी जीवित रहते तो...
ममता बनर्जी ने कहा कि आज अगर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जीवित रहते तो उनको भी सुनवाई के लिए बुलाया जाता? लॉजिकल गड़बड़ियां कहकर तो बुलाया जाता? चंद्र बाबु (चंद्र कुमार बोस) को तो बुलाया ही गया है। 1 लाख 38 हजार लोगों को बुलाया गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे 'तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा' को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैं आज की परिस्थिति में कह रही हूं, जिंदगी बचाइए।
छात्र-छात्राएं, खिलाड़ियां, कलाकार आगे आएं। एक-दूसरे के साथ खड़े हो। केंद्र के खिलाफ उन्होंने अपने तेवर तल्ख करते हुए कहा, 'कौरव पक्ष के साथ लड़ाई लड़ना पड़ रहा है। मानवता बनाम दानवता की लड़ाई चल रही है। बांग्ला भाषा का असम्मान किया जा रहा है।'
षड्यंत्रों के खिलाफ एक होना पड़ेगा
सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस को राष्ट्रीय छुट्टी घोषित करने की मांग पिछले काफी समय से राज्य सरकार कर रही है लेकिन उसे स्वीकार नहीं करने पर ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा, 'आज भी नेताजी के जन्मदिन को नेशनल हॉलीडे घोषित नहीं की गयी।' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'अभी तक नेताजी की मृत्यु तारीख भी नहीं कह पाऊंगी।'
ममता बनर्जी ने कहा कि देश के इतिहास को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। दिग्गजों का अपमान किया जा रहा है। भाषा को असम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से एक होने का आह्वान करते हुए कहा, 'दिल्ली हमेशा बंगाल के खिलाफ षड्यंत्र रचता रहता है। उसके खिलाफ एक होना पड़ेगा।'