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दत्ताबाद में स्वर्ण व्यवसायी हत्याकांड में पुलिस ने दाखिल किया चार्जशीट, नहीं है प्रशांत बर्मन का नाम

हत्याकांड के लगभग 90 दिनों बाद पुलिस ने चार्जशीट जमा की है लेकिन चार्जशीट में प्रशांत बर्मन के नाम का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है।

By Kaushik Dutta, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 05, 2026 10:11 IST

दत्ताबाद में स्वर्ण व्यवसायी स्वपन कामिल्या के अपहरण और हत्या के मामले में शामिल आरोपियों में जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज के निलंबित BDO प्रशांत बर्मन का नाम भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रशांत बर्मन को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था लेकिन बर्मण ने उस आदेश का पालन अभी तक नहीं किया है।

वहीं दूसरी ओर हत्याकांड के लगभग 90 दिनों बाद पुलिस ने चार्जशीट जमा की है लेकिन चार्जशीट में प्रशांत बर्मन के नाम का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है।

हालांकि चार्जशीट में प्रशांत बर्मन को कई जगहों पर 'फरार' बताया गया है। गौरतलब है कि गत 29 अक्तूबर को न्यूटाउन थाना के यात्रागाछी खालपाड़ से स्वपन कामिल्या का शव बरामद किया गया था। आरोप लगाया गया था कि उनका अपहरण कर हत्या की गयी थी। इस मामले में ही पुलिस ने विधाननगर अदालत में चार्जशीट जमा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार चार्जशीट में तूफान थापा, राजू ढाली, सजल सरकार, गोविंद सरकार और विवेकानंद सरकार का नाम है। इन सभी के खिलाफ हत्या, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र समेत कई धाराओं में मामला दायर है।

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जांच अधिकारियों का दावा है कि सप्लीमेंटरी चार्जशीट में प्रशांत बर्मन का नाम शामिल किया जा सकता है। मामले की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर वकील शिर्षेंदु सिंह राय का कहना है कि मामले के मुख्य षड्यंत्रकारी को 'फरार' बताकर चार्जशीट जमा करने का ही मतलब है कि जांच पूरी हो चुकी है। उनका दावा है कि इस मामले में पुलिस प्रभावशाली BDO को फायदा पहुंचाना चाहती है। भाजपा नेता सजल घोष ने भी आरोप लगाया है कि पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है।

स्वर्ण व्यवायी स्वपन कामिल्या का शव बरामद होने के बाद परिजनों ने प्रशांत बर्मन के ही मुख्य आरोपी होने का दावा किया था। यह आरोप लगने के बाद BDO को उनके पद से भी निलंबित कर दिया गया। हत्या के इस मामले में पूर्व BDO ने बारासात और विधाननगर महकमा अदालत में अग्रिम जमानत का आवेदन किया था। इसके विरोध में विधाननगर थाना की पुलिस ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर हाई कोर्ट ने 22 दिसंबर तक प्रशांत बर्मन से आत्मसमर्पण का आदेश दिया था। उन्होंने ऐसा नहीं किया तो विधाननगर अदालत ने उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया। ऐसी स्थिति में प्रशांत बर्मन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायाधीश विजय विश्नोई की खंडपीठ ने बर्मन से 23 जनवरी तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।

हालांकि यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्रशांत बर्मन ने आत्मसमर्पण नहीं किया। पिछले लंबे समय से फरार चल रहे प्रशांत बर्मन को अभी तक पुलिस ढूंढकर भी नहीं निकाल पायी है। ऐसी स्थिति में पुलिस ने दत्ताबाद में व्यवसायी के हत्याकांड में पुलिस ने उन्हें 'फरार' उल्लेख करते हुए चार्जशीट जमा किया है।

वहीं फरार चल रहे प्रशांत बर्मन ने छिपे रहते हुए ही दावा किया है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। उनके खिलाफ झूठा आरोप लगाया गया है।

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