रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस महीने के भीतर देश से माओवादियों को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है और उसकी समयसीमा नजदीक आ रही है। इसी डेडलाइन से पहले माओवादी विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 118 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। उनके सिर पर कुल 5 करोड़ 10 लाख रुपये का इनाम था।
बुधवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 44 महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासन के सामने आग्नेयास्त्रों के साथ आत्मसमर्पण किया। इतना ही नहीं, उनके पास से 3 करोड़ 60 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए। इसके अलावा एक किलो सोना भी मिला। माओवादियों ने इस सोने को गुप्त जगह पर छिपाकर रखा था। इसकी बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 64 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर ही यह सोना और नकद बरामद किया गया। माओवादी विरोधी अभियान में एक दिन में यह सबसे बड़ी बरामदगी बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि बुधवार को बस्तर के जगदलपुर में छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम और अन्य अधिकारियों के सामने 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य थे और मुख्य रूप से जगदलपुर क्षेत्र में सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने वालों में छह डिविजनल कमेटी के सदस्य भी शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक पर 8 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने 101 आग्नेयास्त्र जमा किए हैं। इनमें 7 AK-4, 10 इंसास राइफल और 4 लाइट मशीन गन शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और डीजीपी ने कहा कि इससे राज्य में माओवादियों का पूरी तरह सफाया करने का रास्ता काफी आसान हो गया है। इसी के साथ बुधवार को ओडिशा के कंधमाल में 10 माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया। उनके सिर पर कुल 1 करोड़ 15 लाख रुपये का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वालों में ओडिशा की माओवादी राज्य कमेटी के सदस्य सोनू पोट्टम उर्फ नितु भी शामिल हैं, जिन पर 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। साथ ही माओवादियों के डिविजनल कमेटी सदस्य सांताई सलाम उर्फ अनुपा ने भी आत्मसमर्पण किया।
ओडिशा के अतिरिक्त डीजीपी और माओवादी विरोधी अभियान के प्रभारी अधिकारी संजीव पांडा ने बताया कि आज जो हथियार जमा किए गए हैं वे छत्तीसगढ़ के हैं। अभी भी लगभग 25 माओवादी कंधमाल इलाके में सक्रिय हैं और उनकी तलाश जारी है।