भोपाल : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के शहरों में भी दिखने लगा है। इंदौर की मशहूर चाट चौपाटी के दुकानदारों ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति रुकने के बाद खाना बनाने के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रोक दी है। इसका कारण घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता को प्राथमिकता देना बताया गया है। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों को घरेलू गैस की कमी न हो इसलिए यह कदम उठाया गया है।
इंदौर की प्रसिद्ध ‘छप्पन दुकान’ क्षेत्र में करीब 56 दुकानें हैं। यह जगह अपने स्ट्रीट फूड के लिए पूरे देश में जानी जाती है। यहां रोज बड़ी संख्या में लोग चाट, स्नैक्स और अन्य व्यंजन खाने आते हैं। गैस की कमी के कारण दुकानदारों को अचानक नई व्यवस्था करनी पड़ी।
चाट चौपाटी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा ने बताया कि गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के बाद दुकानदारों ने तुरंत इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद लिए। अब कई दुकानें इलेक्ट्रिक चूल्हों और अन्य मशीनों से खाना बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों को घबराने की जरूरत नहीं है। गैस के अलावा भी कई विकल्प मौजूद हैं। जरूरत पड़ने पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कुकिंग उपकरण भी अपनाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि किसी भी हाल में ग्राहकों को स्वादिष्ट खाना मिलता रहेगा।
जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि होटल, रेस्तरां और कैटरिंग कारोबारियों को फिलहाल वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इनमें बिजली और डीजल से चलने वाले उपकरण शामिल हैं।
गौरतलब है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने छप्पन दुकान क्षेत्र को “क्लीन स्ट्रीट फूड हब” का दर्जा दिया है। साफ-सफाई और गुणवत्ता के लिए यह इलाका पहले से ही प्रसिद्ध है।
दुकानदारों का कहना है कि हालात चाहे जैसे भी हों इंदौर की चाट चौपाटी का स्वाद और परंपरा जारी रहेगी।