नई दिल्ली : बैडमिंटन के सबसे बड़े टूर्नामेंट बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 के आयोजन में अब सिर्फ 50 दिन बाकी रह गए हैं। इस खास मौके पर भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने रविवार को नई दिल्ली में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए आधिकारिक काउंटडाउन की शुरुआत कर दी।
बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप का आयोजन 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। यह टूर्नामेंट 17 साल बाद भारत लौट रहा है और पहली बार देश की राजधानी में आयोजित होगा। प्रतियोगिता में 55 से अधिक देशों के करीब 800 खिलाड़ी, टीम अधिकारी, सपोर्ट स्टाफ, तकनीकी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
भारतीय बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा ने विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी को भारतीय बैडमिंटन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की खेल क्षमता, विश्वस्तरीय प्रतियोगिता कराने की योग्यता और मजबूत खेल व्यवस्था बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप भारतीय बैडमिंटन की शानदार प्रगति को दुनिया के सामने पेश करने का अवसर है। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय के भारत पर बढ़ते भरोसे का भी प्रमाण है।
उन्होंने आगे कहा कि यह चैंपियनशिप युवा भारतीय खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी और भारत को एक मजबूत खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।
विश्व चैंपियनशिप के 30वें संस्करण में बैडमिंटन की सभी पांच स्पर्धाओं-पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल-में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी भाग लेंगे।
भारत का विश्व चैंपियनशिप में प्रदर्शन भी लगातार बेहतर रहा है। 2011 के बाद से भारत ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीता है। देश ने 11 लगातार संस्करणों में कुल 14 पदक हासिल किए हैं। इस मामले में भारत की निरंतरता केवल चीन के बराबर रही है।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पांच बार विश्व चैंपियनशिप पदक जीत चुकीं पीवी सिंधु ने भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियनशिप उनके करियर के सबसे खास टूर्नामेंटों में से एक रही है, जहां उन्हें यादगार उपलब्धियां और कठिन अनुभव मिले हैं।
पीवी सिंधु ने कहा कि अपने देश में घरेलू दर्शकों के सामने विश्व खिताब के लिए खेलना बेहद खास अवसर होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक साबित होगा और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा देगा।
भारत की मौजूदा पीढ़ी के शीर्ष खिलाड़ियों के लिए यह पहला मौका होगा जब वे घरेलू दर्शकों के सामने विश्व चैंपियनशिप में उतरेंगे। भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि भारतीय बैडमिंटन इस समय एक रोमांचक दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि अनुभवी खिलाड़ी भी दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी भारत की बढ़ती पहचान को दर्शाती है और यह आने वाले खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा बनेगी।
नई दिल्ली में होने वाली इस प्रतियोगिता में दुनिया के शीर्ष बैडमिंटन सितारे हिस्सा लेंगे। महिला एकल में दक्षिण कोरिया की मौजूदा ओलंपिक चैंपियन आन से-यंग प्रमुख दावेदारों में शामिल होंगी।
पुरुष एकल में चीन के शी यू छी और थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न जैसी बड़ी हस्तियां चुनौती पेश करेंगी। युगल वर्ग में मलेशिया के पूर्व विश्व चैंपियन एरोन चिया और सोह वूई यिक के अलावा इंडोनेशिया की मजबूत जोड़ियां भी मैदान में उतरेंगी।
जापान, थाईलैंड और डेनमार्क जैसी बैडमिंटन की पारंपरिक ताकतवर टीमें भी अपनी मजबूत टीमों के साथ प्रतियोगिता में भाग लेंगी। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला यह टूर्नामेंट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबलों का मंच बनने की उम्मीद है।