किसी जमाने में मैदान में अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले विनोद कांबली आज स्वास्थ्य से संबंधित गंभीर समस्याओं से जुझ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार वह अपनी याददाश्त खोते जा रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं उन्हें चलने-फिरने में भी समस्या हो रही है और उनके दिमाग में खून का थक्का जम जाने की वजह से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
मीडिया को दिए एक बयान में विनोद कांबली के अच्छे दोस्त और BCCI के पूर्व अम्पायर मार्क्स कूटो ने बताया कि मैंने उनके दोस्तों, जिसमें अधिकांश क्रिकेटर ही शामिल हैं, को लेकर एक Whats App Group बनाया है। जिसमें उनके इलाज के लिए मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर लगातार अपने बचपन के दोस्त के इलाज के लिए मदद कर रहे हैं। कांबली इन दिनों याददाश्त की बीमारी से जुझ रहे हैं। उन्हें अचानक कभी कुछ क्लीक कर जाता है और याद आ जाता है लेकिन कभी-कभी उन्हें याद करने में बहुत मुश्किलें आती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांबली के इलाज के लिए बने व्हाट्स ऐप ग्रुप में सचिन तेंदुलकर भी शामिल हो गया है।
शराब पीना छोड़ा लेकिन...
मार्क्स कूटो ने बताया कि विनोद कांबली ने पिछले कुछ समय से शराब पीना तो पूरी तरह से छोड़ दिया है लेकिन सिगरेट पीने की लत को नहीं छोड़ सकें हैं। अक्सर वह राहगीरों, ऑटो ड्राइवरों से भी सिगरेट मांग लेते हैं। विनोद कांबली को सामने देखकर उन्हें राहगिर सिगरेट दे भी देते हैं लेकिन उन्हें नहीं पता होता है कि वे कांबली के स्वास्थ्य को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. आदिल छागला विनोद कांबली का इलाज कर रहे हैं। बताया जाता है कि पिछले 6 महीनों के दौरान विनोद कांबली की शारीरिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। वह माउंटेनियरिंग स्टिक के सहारे चलने की कोशिशें करते हैं। अगले सप्ताह से उनके पैरों की ताकत बढ़ाने के लिए फिजियो नियुक्त करने की संभावना है।
लेकिन सबसे बड़ी समस्या विनोद कांबली के दिमाग में बने खून के थक्के की वजह से पैदा हो रही है। इस क्लॉट की वजह से उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने शुरू में लापरवाही बरती और इसे नहीं निकलवाया जिस कारण यह अब बड़ी परेशानी का सबब बन गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि विनोद कांबली इस समय पूरी तरह से अपनी इच्छाशक्ति की बदौलत ही जो भी हो रहा है, वह कर रहे हैं। बताया जाता है कि सचिन तेंदुलकर के अलावा कपिल देव और सुनील गावस्कर भी लगातार विनोद कांबली की मदद करने की कोशिशें कर रहे हैं।