नंदीग्रामः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले नंदीग्राम एक बार फिर राज्य की राजनीति का केंद्र बन गया है। बुधवार को आज एक ही दिन दो प्रमुख नेताओं-अभिषेक बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की अलग-अलग कार्यकर्ता बैठकों ने इलाके में चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। दोनों दल इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं और इससे स्थानीय स्तर पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
कड़ी सुरक्षा के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज
दोनों बैठकों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंगलवार सुबह से ही नंदीग्राम के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर नाका चेकिंग शुरू कर दी गई है। बैठक स्थलों और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के जुटने की संभावना है।
तृणमूल की तैयारी: संगठन मजबूत करने पर जोर
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी नंदीग्राम-2 ब्लॉक के बिरुलिया स्थित घोलपुकुर बाजार के पास एक बड़े मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। पहले यह कार्यक्रम नंदीग्राम-1 ब्लॉक में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में रणनीतिक रूप से इसे नंदीग्राम-2 में स्थानांतरित किया गया।
बैठक स्थल पर करीब 5,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए बड़ा हैंगर बनाया गया है और 48 फुट लंबा व 20 फुट चौड़ा मंच तैयार किया गया है। साथ ही, अभिषेक बनर्जी के आगमन के लिए अस्थायी हेलीपैड भी बनाया गया है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी उम्मीदवार पबित्र कर के समर्थन में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और चुनावी अभियान को धार देना है। तृणमूल ने 286 बूथों से कम से कम 20-20 कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई है, जिससे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूती मिल सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नंदीग्राम-1 ब्लॉक जहां तृणमूल का पारंपरिक गढ़ रहा है, वहीं नंदीग्राम-2 में भाजपा की पकड़ अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है। इसी समीकरण को ध्यान में रखते हुए तृणमूल ने अपनी रणनीति बदली है और कमजोर माने जाने वाले क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने की कोशिश की है।
भाजपा का फोकस: बूथ मैनेजमेंट और जीत का दावा
दूसरी ओर, भाजपा नेता शुभेंदुअधिकारी रेयापारा में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ बैठक करेंगे। यह स्थान अभिषेक बनर्जी के कार्यक्रम स्थल से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में बूथ स्तर की तैयारियों, मतदान के दिन की रणनीति और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विशेष चर्चा की जाएगी। पार्टी संगठन चुनाव के दौरान बूथ प्रबंधन को सबसे अहम मान रहा है और उसी पर जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय भाजपा नेताओं ने इस बार बड़ी जीत का दावा किया है। उनका कहना है कि पार्टी न केवल अपनी सीट बरकरार रखेगी, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी।
2021 का इतिहास और इस बार की नई चुनौती
नंदीग्राम सीट 2021 के विधानसभा चुनाव में पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर चुकी है। उस समय शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में 1,956 वोटों से हराया था।
शुभेंदु अधिकारी को 1,10,764 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 1,08,808 वोट प्राप्त हुए थे। उस चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 92.38% रहा था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना गया।
अब 2026 में स्थिति और भी रोचक हो गई है। मतदाताओं की संख्या बढ़कर करीब 2.68 लाख हो चुकी है। तृणमूल ने इस बार पबित्र कर को उम्मीदवार बनाकर नया समीकरण तैयार किया है। पबित्र कर पहले भाजपा में थे और नंदीग्राम-2 क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिससे मुकाबला और कड़ा हो सकता है।
फिर केंद्र में नंदीग्राम
विकास, स्थानीय मुद्दों, राजनीतिक रणनीतियों और पुराने राजनीतिक टकराव के चलते नंदीग्राम एक बार फिर बंगाल की राजनीति का सबसे अहम रणक्षेत्र बन गया है। दोनों दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं और बड़े नेताओं की सक्रियता से चुनावी मुकाबला चरम पर पहुंच गया है।
अब नजर इस बात पर है कि यह रणनीतिक बैठकों का असर जमीनी स्तर पर कितना पड़ता है। हालांकि, अंतिम फैसला नंदीग्राम के मतदाता ही करेंगे, जिनकी भूमिका इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सबसे निर्णायक होगी।