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Bengal Election: भांगर में चुनाव से पहले बिगड़े हालात: बम और हथियार मिलने से मचा हड़कंप

पुलिस ऑब्जर्वर के निरीक्षण में चांदीहाट और बामुनिया से विस्फोटक बरामद, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज।

By श्वेता सिंह

Mar 25, 2026 10:41 IST

भांगरः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भांगर में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। एक तरफ चुनावी सरगर्मी तेज है, तो दूसरी ओर बम और हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब पुलिस ऑब्जर्वर के दौरे के दौरान अलग-अलग इलाकों से विस्फोटक और हथियार मिलने की घटनाएं सामने आईं।

निरीक्षण के बीच खुलासा: कई जगहों से निकले बम

पुलिस की कार्रवाई के दौरान सबसे पहले चांदीहाट गांव में एक दुकान से तीन कच्चे बम बरामद किए गए। यह दुकान कथित तौर पर तृणमूल से जुड़े नूरुल मोल्लाह की बताई जा रही है। इसके बाद दक्षिण बामुनिया गांव में एक तालाब से 80 से अधिक बम निकाले गए। हालांकि ये बम पानी में भीगकर निष्क्रिय हो चुके थे, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना इलाके में छिपे खतरे की ओर इशारा करता है।

इसी दिन बामुनिया गांव के एक अन्य हिस्से से एक सिंगल बैरल बंदूक और कई राउंड कारतूस भी बरामद किए गए। ये हथियार एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता के घर के पास पाए गए, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।

धमाके की गूंज अभी ठंडी नहीं

इन बरामदगियों से पहले ही भांगर एक बड़े धमाके की वजह से चर्चा में था। बामुनिया के एक खाली घर में देर रात हुए विस्फोट में कई लोग घायल हुए थे, जबकि मोशिउर काजी की मौत हो गई थी। बताया गया कि विस्फोट इतना तेज था कि उनके दोनों हाथ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे।

घटना में घायल सुजॉय मंडल को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बम लगाने के इरादे से वहां पहुंचा था। इस मामले में एम्बुलेंस चालक सूरज मोल्लाह को भी हिरासत में लिया गया, जिस पर घायलों को घटनास्थल से हटाने में भूमिका निभाने का आरोप है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच शुरू की है और उसकी टीम दो बार घटनास्थल का दौरा कर सैंपल जुटा चुकी है।

सियासी संग्राम: आरोप और पलटवार

घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

तृणमूल उम्मीदवार शौकत मोल्लाह ने कहा कि उनकी पार्टी हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करती और ISF पर इलाके में अशांति फैलाने का आरोप लगाया।

वहीं ISF नेता अराबुल इस्लाम ने जवाब देते हुए तृणमूल पर ही बम बनाने और हिंसा फैलाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जनसमर्थन में कमी के चलते तृणमूल इस तरह के हथकंडे अपना रही है।

तृणमूल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन दोनों दलों के बीच बयानबाजी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।

चुनावी समीकरण और बढ़ती संवेदनशीलता

भांगर सीट इस बार त्रिकोणीय मुकाबले की वजह से और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। यहां तृणमूल के शौकत मोल्लाह, ISF के नौशाद सिद्दीकी और भाजपा के जयंत गायेन मैदान में हैं।

राज्य पुलिस ऑब्जर्वर मनोज कुमार ने मौके का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय थानों-कोलकाता लेदर कॉम्प्लेक्स, माधबपुर और उत्तर काशीपुर में जाकर तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों से चुनाव से पहले की गई कार्रवाई की जानकारी ली।

डर के साये में मतदाता

लगातार हो रही बरामदगियों और हालिया धमाकों के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। कई लोग खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे शांति चाहते हैं और बिना भय के मतदान करना चाहते हैं।

प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है और निगरानी को और सख्त किया गया है। बावजूद इसके, जिस तरह से चुनाव से पहले विस्फोटक और हथियार सामने आ रहे हैं, उसने साफ कर दिया है कि भांगर इस बार सबसे संवेदनशील सीटों में से एक बना हुआ है।

चुनाव के नजदीक आते ही अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि क्या प्रशासन इस तनावपूर्ण माहौल को नियंत्रित कर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कर पाएगा।

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