हैदराबाद : तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिहार और कोलकाता जैसी स्थिति तेलंगाना में नहीं होने दी जाएगी और इस प्रक्रिया पर कांग्रेस की पैनी नजर रहेगी।
तेलंगाना कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी) की संयुक्त बैठक के बाद राज्य सरकार में मंत्री और पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण विषय है और पार्टी इसे गंभीरता से ले रही है।
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बिहार और कोलकाता में जो कुछ हुआ, वैसा तेलंगाना में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी पर्याप्त समय है और पार्टी इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी।
तेलंगाना सरकार में मंत्री श्रीधर बाबू दुद्दिला ने इस बैठक को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रभारी महासचिव द्वारा आयोजित नियमित अभ्यास बताया।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। श्रीधर बाबू दुद्दिला ने कहा कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता और सदस्य को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में विशेष रुचि लेनी चाहिए और इसे गंभीरता से समझना चाहिए।
एक अन्य मंत्री गड्डम विवेक वेंकटस्वामी ने कहा कि राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि मतदाता सूची में केवल वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम ही बने रहें।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा हुई और ऐसे प्रभावी कदमों पर विचार किया गया जिनसे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता सूची में केवल वास्तविक मतदाताओं के नाम शामिल रहें।
इस बीच, तेलंगाना कांग्रेस ने मांग की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाए। इस मुद्दे को लेकर राज्य कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भी मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया था कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाए और इसके लिए पर्याप्त समय दिया जाए, क्योंकि फिलहाल राज्य में कोई बड़ा चुनाव प्रस्तावित नहीं है।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 14 मई को देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (फेज-3) की घोषणा की थी। यह प्रक्रिया 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।
इस व्यापक अभियान के तहत 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं को शामिल किया गया है। तेलंगाना भी उन राज्यों में शामिल है जहां मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है।