नई दिल्लीः अकादमिक और लेखिका चारु गुप्ता को उनकी पुस्तक “हिंदी हिंदू हिस्ट्रीज़” के लिए प्रतिष्ठित ‘आनंद केंटिश कुमारस्वामी पुस्तक पुरस्कार’ (दक्षिण एशिया) से सम्मानित किया गया है।
यह अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्रख्यात कला इतिहासकार और सांस्कृतिक चिंतक आनंद के. कुमारस्वामी के नाम पर रखा गया है। यह पुरस्कार दक्षिण एशियाई अध्ययन में ऐसे “विशिष्ट शोध कार्य” को सम्मानित करता है जो किसी पूरे विषय क्षेत्र की समझ को परिभाषित या पुनर्परिभाषित करने का वादा करता हो।
एसोसिएशन फ़ॉर एशियन स्टडीज़ (एएएस) द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार 1,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 90,500 रुपये) की नकद राशि के साथ आता है।
चारु गुप्ता ने पीटीआई से कहा कि ‘हिंदी हिंदू हिस्ट्रीज़’ कई मायनों में देशज साहित्य के इतिहास पर मेरे कार्य की निरंतरता है। यह बीसवीं सदी के प्रारंभिक दौर के उत्तर भारत में आत्मकथाओं और मुद्रण संस्कृति के माध्यम से हिंदू जीवन की पड़ताल करती है और हिंदू जगत की बहुलता तथा समृद्धि को उजागर करती है। मैंने यह सुनिश्चित किया है कि पुस्तक अपनी शैक्षणिक गंभीरता को बनाए रखते हुए सहज और पठनीय बनी रहे। 61 वर्षीय लेखिका वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।
समृद्ध हिंदी अभिलेखागार पर आधारित “हिंदी हिंदू हिस्ट्रीज़: कास्ट, आयुर्वेद, ट्रैवल और कम्युनिज़्म इन अर्ली ट्वेंटीएथ-सेंचुरी इंडिया” चार प्रभावशाली व्यक्तित्वों एक जाति-विरोधी सुधारक, एक महिला आयुर्वेदिक चिकित्सक, एक राष्ट्रवादी यात्रा लेखक और एक वामपंथी पत्रकार का अध्ययन करती है। यह पुस्तक एक परिवर्तनकारी युग के दौरान जाति, लिंग, राष्ट्रवाद और हिंदू पहचान के विविध देशज दृष्टिकोणों को उजागर करती है।
गुप्ता का शोध बीसवीं सदी के प्रारंभिक उत्तर भारत में लिंग, जाति, पुरुषत्व, चिकित्सा, धार्मिक पहचानों और देशज मुद्रण संस्कृतियों पर केंद्रित रहा है। उनके कार्य ने आधुनिक भारतीय इतिहास में लिंग, जाति और लोकप्रिय मुद्रण से संबंधित बहसों को महत्वपूर्ण रूप से नया स्वरूप दिया है।