नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक ब्रिटिश कालीन सचिवालय भवन में होने वाली अंतिम कैबिनेट बैठक होगी, इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) अपने नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि यह बैठक उस पीएमओ में होने वाली अंतिम कैबिनेट बैठक होगी, जो ब्रिटिश वास्तुकार हर्बर्ट बेकर द्वारा 1900 के दशक की शुरुआत में ब्रिटिश राज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निर्मित शाही परिसर में स्थित है।
शुक्रवार को शाम 4 बजे निर्धारित कैबिनेट बैठक के बाद पीएमओ का ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण किया जाएगा। इस कदम के साथ एक युग का अंत होगा क्योंकि 1921 से सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से सभी सरकारी विभाग खाली हो जाएंगे।
सरकार इन प्रतिष्ठित भवनों को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित करने की योजना बना रही है, जो भारत की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाला विश्वस्तरीय संग्रहालय होगा। यह स्थानांतरण भारत की प्रशासनिक संरचना और शासन प्रणाली के उपनिवेशी प्रभावों को समाप्त करने की सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक 1921 से देश की सत्ता के केंद्र रहे हैं। इससे पहले गृह मंत्रालय लुटियंस दिल्ली के रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक परिसर से बाहर जा चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 13 फरवरी को ‘सेवा तीर्थ’ नए पीएमओ भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही कर्तव्य भवन 1 और 2 का भी उद्घाटन किया जाएगा। शुक्रवार का यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन व्यवस्था में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर साबित होगा और यह प्रधानमंत्री की आधुनिक, दक्ष, सुलभ तथा नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के निर्माण के संकल्प को दर्शाता है।