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एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी का नाम, मंत्री ने अपनी सफाई में क्या कुछ कहा?

राहुल गांधी ने लोकसभा में उठाया मुद्दा, पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी। डॉक्यूमेंट्स में ईमेल और लेन-देन शामिल।

By कौशिक भट्टाचार्य, Posted by: श्वेता सिंह

Feb 11, 2026 23:27 IST

नई दिल्लीः केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपना नाम एपस्टीन फाइल्स में आने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया है कि वे बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से केवल कुछ मौकों पर एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में मिले थे।

इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुरी का एपस्टीन के साथ संपर्क संदिग्ध था और इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हां, हम कुछ बार मिले थे, लेकिन वह एक डेलीगेशन के हिस्से के रूप में था।” उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि उनके और एपस्टीन के बीच बातचीत का सेक्सुअल अपराधों से कोई संबंध नहीं था।

एपस्टीन डॉक्यूमेंट्स पर केंद्रीय मंत्री की सफाई

गौरतलब है कि पिछले 30 जनवरी 2026 को US डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एपस्टीन से जुड़े कई ईमेल और डॉक्यूमेंट जारी किए। इन दस्तावेजों में हरदीप सिंह पुरी का नाम 2014 से 2017 के बीच दिखाई देता है।

पुरी ने स्पष्ट किया कि उस समय उनके पास कोई सरकारी पद नहीं था। 2014 में वह BJP में शामिल हुए थे और 2017 में मंत्री बने। पुरी ने कहा कि उनका एपस्टीन से संपर्क इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि के तौर पर था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एपस्टीन के क्रिमिनल रिकॉर्ड की कोई जानकारी नहीं थी।

पुरी ने यह भी बताया कि उनका मुख्य संपर्क एपस्टीन के बजाय LinkedIn के को-फाउंडर रीड हॉफमैन के साथ था। पुरी ने कहा, “मुझे एपस्टीन की गतिविधियों में कोई रुचि नहीं थी। मैं उसके लिए सही इंसान भी नहीं था।” उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दस्तावेजों में एपस्टीन ने उन्हें ‘दो मुंहा’ भी कहा है।

जेफरी एपस्टीन का मामला आखिर है क्या?

जेफरी एपस्टीन पर सेक्सुअल हैरेसमेंट, बलात्कार और नाबालिगों की ट्रैफिकिंग समेत कई मामलों में आरोप थे। लगभग 40 महिलाओं ने एपस्टीन पर सार्वजनिक रूप से यौन शोषण का आरोप लगाया। उसे दोषी ठहराया गया और 45 साल जेल की सजा सुनाई गई, लेकिन एपस्टीन ने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली।

डॉक्यूमेंट्स में कई उच्च-प्रोफाइल लोगों के नाम शामिल हैं, जैसे बिल क्लिंटन, माइकल जैक्सन और डोनाल्ड ट्रंप। हालांकि इन संपर्कों की प्रामाणिकता अभी तक पूरी तरह साबित नहीं हुई है।

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