पुणेः आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अचानक पैसों की जरूरत किसी को भी पड़ सकती है। ऐसे समय में इंस्टेंट पर्सनल लोन एक आसान और तेज विकल्प बनकर सामने आता है। लेकिन जल्दबाजी में लिया गया फैसला भविष्य में आर्थिक तनाव भी बढ़ा सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले कुछ अहम बातों को समझ लेना जरूरी होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हर आवेदक को इन पांच बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. पहले जानें अपनी पात्रता (Eligibility Criteria)
किसी भी लोन के लिए आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आप पात्र हैं या नहीं। उदाहरण के तौर पर लोन के लिए सामान्य शर्तें इस प्रकार हैं:
राष्ट्रीयता: भारतीय
आयु: 21 से 80 वर्ष*
रोजगार: पब्लिक, प्राइवेट या मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत
CIBIL स्कोर: 650 या उससे अधिक
प्रोफाइल: स्वरोजगार या वेतनभोगी
*लोन की अवधि समाप्त होने तक आवेदक की आयु 80 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पात्रता की स्पष्ट जानकारी होने से आवेदन प्रक्रिया आसान और तेज हो जाती है।
2. भरोसेमंद बैंक या संस्था का चुनाव जरूरी
इंस्टेंट पर्सनल लोन लेते समय किसी विश्वसनीय और प्रतिष्ठित वित्तीय संस्था को चुनना बहुत जरूरी है। पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा और सुगम प्रक्रिया एक अच्छे लेंडर की पहचान होती है।
आमतौर पर कंपनियां अपनी ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के लिए जानी जाती है। कंपनी 24 घंटे* के भीतर फंड डिस्बर्सल, त्वरित अप्रूवल और पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया की सुविधा देती है। इसके अलावा देशभर में शाखाओं का नेटवर्क और समर्पित कस्टमर सपोर्ट ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से सहायता मुहैया करता है।
विश्वसनीय संस्था का चयन लोन प्रक्रिया को सहज बनाता है।
3. ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस को समझें
लोन लेने से पहले ब्याज दर की जानकारी बेहद जरूरी है। अलग अलग कंपनियों की ब्याज दर अलग होती है। ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से कुछेक बैंक से ब्याज दर पता करने के बाद जहां सहूलियत हो वहां से इंस्टेंट पर्सनल लोन प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों को भी ध्यान में रखना चाहिए। इन लागतों को पहले से समझ लेने से ईएमआई की सही योजना बनाई जा सकती है। बाद में किसी तरह की असुविधा से बचा जा सकता है।
4. लोन राशि और पेमेंट का समय
अलग अलग बैंकों से ग्राहक 40,000 रुपये से लेकर 55 लाख रुपये तक का इंस्टेंट पर्सनल लोन ले सकते हैं।
रिपेमेंट टेन्योर: 12 से 96 महीने
फंड डिस्बर्सल: 24 घंटे* के भीतर
पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर का उपयोग करके आवेदक अपनी मासिक किस्त का अनुमान पहले ही लगा सकते हैं। इससे वित्तीय योजना बनाना आसान हो जाता है और बजट पर नियंत्रण बना रहता है।
5. नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें
लोन लेने से पहले नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।
-प्रीपेमेंट चार्ज
-लेट पेमेंट पेनल्टी
-छिपे हुए शुल्क
इन सभी बातों को समझना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक दबाव न बने।
इंस्टेंट पर्सनल लोन इमरजेंसी के मौकों पर बड़ी राहत दे सकता है। हालांकि पूरी जानकारी हासिल करने के बाद लिया गया फैसला ही फायदेमंद साबित होता है। पात्रता, ब्याज दर, लोन अवधि और नियम-शर्तों को समझकर ही आवेदन करना चाहिए।
सही योजना के साथ लिया गया पर्सनल लोन आपके लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार हो सकता है। हालांकि जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपकी परेशानियों को बढ़ा भी सकता है। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है कि कोई गलती न हो।