मुंबईः बैंकिंग सेक्टर मे अक्सर नैतिकता को “सॉफ्ट थीम” समझा जाता है। हालांकि आरबीआई के उप-गवर्नर जे स्वामिनाथन इसे मूल अनुशासन मानते हैं। एक्सिस बैंक चैंपियंस अवॉर्ड समारोह में उनके विचार इस बात की पुष्टि करते हैं कि नैतिकता केवल नियमों का पालन नहीं है। इससे संस्थागत संस्कृति और दीर्घकालिक विश्वास की भावना मजबूत होती है।
उनके अनुसार, हर बड़ी संस्था छोटे समझौतों के प्रलोभन का सामना करती है-किसी कठिन खुलासे को टालना, सुविधाजनक व्याख्या लेना या शिकायत को नजरअंदाज करना। ऐसे क्षणों में नैतिकता ही वह “ब्रेक” होती है जो छोटे समझौते को बड़े संकट में बदलने से रोकती है। इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो नैतिकता केवल “सही और गलत” की दहलीज नहीं, बल्कि ग्रे एरिया में निर्णय लेने और गलती सुधारने की ताकत भी है।
लाभ कमाना ही नहीं ग्राहकों का भरोसा जीतना लक्ष्य
स्वामिनाथन ने नियामक अनुशासन को भी केवल बॉक्स-टिकिंग के रूप में नहीं देखा। उनका कहना है कि प्रभावी नियामक पालन संस्थान की दीर्घकालिक विश्वसनीयता का संकेत है। यह विचार आधुनिक बैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्तीय संस्थान केवल मुनाफा कमाने के लिए नहीं है। इसके साथ ही ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए भी जिम्मेदार हैं।
इस सिलसिले में नैतिकता और नियामक अनुपालन अलग नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समर्थन देने वाले स्तंभ हैं। यदि कर्मचारी या प्रबंधन नैतिक ढंग से फैसला नहीं लेते तो नियामक पालन भी अधूरा और औपचारिक प्रतीत होता है।
ग्राहकों के साथ पारदर्शिता
स्वामिनाथन ने ग्राहक सेवा में “बुनियादी बातों पर पकड़” की खासियत बतायी। उन्होंने कहा कि स्पष्ट संचार, निष्पक्ष व्यवहार, समय पर समाधान और डिजिटल लेनदेन में स्पष्ट जानकारी-ये केवल संचालन के नियम नहीं हैं। ये सब ग्राहक विश्वास का आधार हैं। विशेष रूप से डिजिटल बैंकिंग में पारदर्शिता का मतलब केवल फीस या शर्तों को बताना नहीं है। कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना भी जरूरी है, जहां वे गलतियों और शिकायतों को खुलकर रिपोर्ट कर सकें। यह नजरिया स्पष्ट संकेत देता है कि आधुनिक बैंकिंग में ग्राहक सेवा और नैतिकता सांठगांठ से जुड़ी हुई हैं।
ओनरशिप और टीमवर्क का फायदा
स्वामिनाथन ने ओनरशिप को भी महत्वपूर्ण मूल्य बताया। काम पूरा करने की मानसिकता से हटकर व्यक्तिगत जिम्मेदारी अपनाने से न केवल परिणाम बेहतर होते हैं, बल्कि कंपनी की संस्कृति में विश्वास और जवाबदेही भी मजबूत होती है।
टीमवर्क की अहमियत पर उन्होंने कहा कि आधुनिक बैंकिंग में जोखिम विभागीय सीमाओं को पार करते हैं। सहयोगी कार्य प्रणाली अंधेरे पहलुओं को उजागर करती है, प्रतिक्रिया समय में सुधार करती है और संगठन को सामूहिक रूप से मजबूत बनाती है।