टी-20 विश्व कप में आखिरकार पाकिस्तान भारत के खिलाफ खेलने के लिए राजी हो गया है। अब तक भारत के खिलाफ मैच बायकॉट करने के फैसले पर पाकिस्तान अड़ा हुआ था लेकिन ICC के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने अपनी जिद छोड़ दी। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा कि उन्होंने यह फैसला केवल बांग्लादेश के पक्ष में खड़े होने के लिए लिया था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसीन नकवी के अनुसार, बांग्लादेश को ICC ने कोई सजा नहीं दी और सभी मांगें मान ली गईं, जिसके बाद ही पाकिस्तान मैच खेलने के लिए तैयार हुआ। इस बार इस मामले में भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा।
गावासकर ने क्या कहा ?
मैच बहिष्कार के फैसले से पाकिस्तान पीछे हटने के बाद सुनील गावासकर ने (Sunil Gavaskar) कड़ा रिएक्शन दिया। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तान की तर्कधारा पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि वे बांग्लादेश का समर्थन कर रहे हैं लेकिन इससे वास्तव में क्या फायदा हुआ ? बांग्लादेश तो टूर्नामेंट से बाहर हो गया। क्या आप उन्हें विश्व कप (ICC T20 World Cup 2026) में वापस ला पाए ? और विशेष परिस्थितियों में ऐसे फैसले लेने के लिए ICC को मजबूर होना पड़ा। इसलिए वे कभी भी बांग्लादेश को जुर्माना या सजा नहीं देते।'
मोहसीन नकवी (Mohsin Naqvi) ने कहा कि पाकिस्तान ने तभी बहिष्कार का फैसला वापस लिया जब उसने बांग्लादेश को उनका हक दिया। इस पर सवाल उठाए गांगुली। उन्होंने कहा, 'अगर पाकिस्तान वास्तव में बांग्लादेश का समर्थन करना चाहता था, तो पूरे टूर्नामेंट से पीछे हट जाना चाहिए था। सिर्फ भारत के मैच का बहिष्कार क्यों ? भारत के अलावा और 11-12 देशों ने भी बांग्लादेश के प्रस्ताव का विरोध किया था लेकिन पाकिस्तान उनके खिलाफ खेल रहा है। तो इस जिद का मतलब क्या है ?'
गांगुली के शब्दों में एक बात स्पष्ट है, पाकिस्तान के इस प्रतीकात्मक समर्थन से बांग्लादेश को कोई फायदा नहीं हुआ।