नई दिल्ली: शिवसेना (शिंदे गुट) के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने संसद में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष की “मृत अर्थव्यवस्था” वाली टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था जीवित और तेजी से बढ़ रही है, जबकि कुछ लोगों का देश पर भरोसा खत्म हो गया है। देवड़ा ने राहुल गांधी और डोनाल्ड ट्रंप की पुरानी टिप्पणियों का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए बताया कि कुछ लोग जानबूझकर भारत की आर्थिक स्थिति को कमजोर दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुक्त व्यापार समझौते से मिलेगी मजबूती
देवड़ा ने यूरोपीय संघ के जनवरी 2026 में भारत के साथ अब तक के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से निर्यात दोगुना होने की उम्मीद है और सालाना 4 अरब यूरो की टैरिफ बचत होगी। इसके अलावा, उन्होंने जीडीपी वृद्धि दर (FY2025-26: 7.4%, FY2026-27: 6.4%), यूपीआई लेन-देन रिकॉर्ड (21.7 अरब ट्रांजेक्शन, वैल्यू 28.33 लाख करोड़), जन धन योजना के 57 करोड़ लाभार्थी और जीएसटी संग्रह में हुई वृद्धि (जनवरी 2026: 1.93 लाख करोड़) का जिक्र करते हुए भारत की आर्थिक मजबूती उजागर की।
निजी निवेश में आयी तेजी
देवड़ा ने बताया कि निजी निवेश 2024 में 6.5 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंचा, जो 2021 से 66% अधिक है। उत्पादन-से-लाभ (PLI) योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित हुआ। 12.6 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित हुए हैं। 18.7 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त उत्पादन-सेवाएं हासिल हुईं हैं। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे सरकार के साथ मिलकर राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करें।
विपक्ष ने घेरा: असमान विकास और रोजगार
विपक्ष ने बजट की आलोचना जारी रखी। डीएमके की कनिमोझी ने इसे गरीब-विरोधी बताया, जबकि कांग्रेस और टीएमसी सांसदों ने बेरोजगारी, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए राहत की कमी पर सवाल उठाए। कुल मिलाकर बहस में सत्ताधारी दल ने भारत की आर्थिक स्थिरता पर जोर दिया। हालांकि विपक्ष ने सामाजिक और रोजगार संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।