हैदराबादः आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक रोचक घटना सामने आई है। यहां एक 27 साल का युवक रात में चोरी करता था और दिन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर नौकरी। शख्स ने दो नामों के साथ अपनी पहचान भी बना रखी थी। कोई इसे महेश रेड्डी तो कोई सनी के नाम से जानता था। सनी चोरी की वारदात में मास्क, हथौड़ी और ड्रिलिंग मशीन जैसे औजारों का इस्तेमाल करता था। अब तक कई घरों में वारदात को अंजाम दे चुका है।
आरोपी शख्स को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक शख्स ने पूरे आंध्र प्रदेश में 24.66 लाख रुपये की नकदी, 1084 ग्राम से अधिक सोना और 6300 ग्राम से ज्यादा की चांदी उड़ाई है। यहां तक कि उसने एक बीएमडब्ल्यू कार भी खरीद रखी है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर क्यों बना चोर ?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी सनी हैदराबाद की एक अच्छी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर पहले काम कर चुका है। उसे महंगी चीजों और लग्जरी कारों का शौक था। इसी के चलते उसने चोरी करना शुरू किया।
पुलिस का कहना है कि सनी अब तक कुल 60 घरों में चोरी कर चुका है। उसने चोरी के लाखों रुपये ऐशो-आराम में खर्च किया। जब पुलिस ने सनी को गिरफ्तार किया तो उसके घर से करीब 699 ग्राम सोने के जेवर, चोरी के पैसों से खरीदी गई एक बीएमडब्ल्यू कार और एक स्कूटर मिला है। पुलिस ने 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की गई है।
बचपन में ही चोरी सीखी
पुलिस आयुक्त शंकर ब्रत बागची ने बताया कि सनी 15 साल की उम्र में चोरी के एक मामले में जेल जा गया था। उस समय उसे किशोर सुधार गृह में रखा गया था, जहां वह 14 महीने तक रहा। जेल से निकलने के बाद उसने चोरी नहीं छोड़ा।